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टोल प्लाजा पर गंदा टॉयलेट मिला तो अधिकारियों को मिलेगा अलर्ट! NHAI ने बनाया नया सिस्टम

अगर आप हाईवे पर सफर कर रहे हैं और टोल प्लाजा पर शौचालय गंदा मिलता है, पानी खत्म हो जाता है या वहां कोई मशीन खराब होती है, तो अब ऐसी परेशानियों को दूर करना आसान हो सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल प्लाजा पर मौजूद शौचालयों और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है।
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अगर आप हाईवे पर सफर कर रहे हैं और टोल प्लाजा पर शौचालय गंदा मिलता है, पानी खत्म हो जाता है या वहां कोई मशीन खराब होती है, तो अब ऐसी परेशानियों को दूर करना आसान हो सकता है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल प्लाजा पर मौजूद शौचालयों और दूसरी सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। इसका मकसद साफ है, हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को साफ टॉयलेट, पानी, अच्छी रोशनी और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। इसके लिए स्मार्ट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि अधिकारियों को समस्या का पता समय रहते चल सके।


पानी खत्म होते ही मिलेगा अलर्ट

अब टोल प्लाजा के शौचालयों की निगरानी सिर्फ लोगों की शिकायतों के भरोसे नहीं रहेगी। नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट तकनीक की मदद से पानी की कमी, सीवेज टैंक भरने, पाइप से पानी टपकने, बिजली की समस्या और कुछ उपकरणों की खराबी पर नजर रखी जाएगी। इसे आसान भाषा में समझें तो जैसे आपके मोबाइल पर मैसेज आता है, वैसे ही समस्या होने पर संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मिल सकेगा। इससे उन्हें पता चलेगा कि कहां पानी भरवाना है, कहां सफाई करानी है और कहां मरम्मत की जरूरत है। इससे उम्मीद है कि यात्रियों को घंटों तक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।


महिलाओं और दिव्यांगों का भी रखा जाएगा ध्यान

NHAI की नई व्यवस्था में महिलाओं, बच्चों, परिवारों और दिव्यांग लोगों की जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया है। रोशनी की व्यवस्था: रात में टॉयलेट और पार्किंग तक जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी होगी। सुरक्षा: जरूरी जगहों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। महिलाओं के लिए सुविधा: सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने वाली वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी। दिव्यांगों के लिए टॉयलेट, हर संबंधित टोल प्लाजा पर कम से कम एक ऐसा शौचालय होना जरूरी होगा, जिसका इस्तेमाल दिव्यांग लोग आसानी से कर सकें। साफ रास्ते और पार्किंग: पानी की निकासी और गाड़ियों को सही जगह खड़ा करने की व्यवस्था भी बेहतर बनाई जाएगी। भविष्य में पार्किंग स्थलों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करने की सुविधा देने का भी प्रावधान होगा।


शिकायत करना होगा आसान

अगर किसी यात्री को टोल प्लाजा पर गंदगी या दूसरी परेशानी मिलती है, तो वह शौचालय पर लगे QR कोड को स्कैन करके राजमार्गयात्रा ऐप के माध्यम से शिकायत या सुझाव दे सकेगा। इसके अलावा, टचस्क्रीन के जरिए भी प्रतिक्रिया देने की सुविधा होगी। शिकायत मिलने के बाद उसका रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रखा जाएगा। इससे अधिकारी यह देख सकेंगे कि समस्या कब आई, उसे ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए गए और शिकायत का समाधान हुआ या नहीं।


सफाई में लापरवाही की तो लगेगा जुर्माना

NHAI ने शौचालयों की सफाई और रखरखाव की जांच के लिए अलग-अलग स्तर तय किए हैं। रोजाना निगरानी होगी, हर सप्ताह तकनीकी जांच की जाएगी और हर महीने सुविधाओं की समीक्षा होगी। इसके अलावा, हर तीन महीने में ऑडिट और साल में एक बार किसी स्वतंत्र एजेंसी से आकलन कराया जाएगा।

अगर जिम्मेदार एजेंसी सफाई और रखरखाव में लापरवाही करती है, तो उस पर आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर और सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।


मशीनों से होगी गंदे टैंकों की सफाई

एक और जरूरी बदलाव यह है कि सेप्टिक टैंक, सीवर लाइन और सोख्ता गड्ढों की सफाई मशीनों से कराना अनिवार्य होगा। कर्मचारियों को टैंक या सीवर के अंदर उतरकर हाथ से सफाई करने की अनुमति नहीं होगी।


आखिर यात्रियों को क्या फायदा होगा?

इस नई व्यवस्था का सीधा फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जो रोजाना बस, कार, बाइक या ट्रक से हाईवे पर सफर करते हैं। साफ शौचालय, पर्याप्त पानी और बेहतर सुरक्षा मिलने से यात्रा अधिक आरामदायक हो सकती है। हालांकि, इसका असली फायदा तभी दिखाई देगा, जब नियमों को सही तरीके से लागू किया जाएगा और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होगी।