Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● यूपी में पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के साथ आजम-अतीक-मुख्तार की तस्वीरें लगाकर लगाए गए नारे ● मेरठ में सीएम योगी बोले- व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश, परिवारवाद पर सपा-कांग्रेस को घेरा ● नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को मिला ‘एक्सीलेंस इन रिसर्च, इनोवेशन एंड साइंटिफिक एडवांसमेंट’ पुरस्कार ● गौतमबुद्धनगर में मजबूत होंगी अग्निशमन सेवाएं, नए फायर स्टेशन और उपकरणों के लिए करोड़ों का बजट मंजूर ● गौतमबुद्धनगर में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 151 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद ● ग्रेटर नोएडा में रामलीला मंचन के लिए भूमि पूजन संपन्न, 11 से 21 अक्टूबर तक होगा विजय महोत्सव ● अखिलेश का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- वीडियो देखकर भी दर्ज करा देंगे मुकदमा ● यूपी में 6 महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी, सीएम योगी ने 21 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र ● खुद के रेस्टोरेंट से खुद ऑर्डर, स्विगी को लगाया लाखों का चूना! ● यमुना प्राधिकरण की ग्रीन बेल्ट में पौधरोपण, विधायक धीरेन्द्र सिंह ने लगाए पौधे

Sleep Divorce: बेहतर नींद के लिए अलग बिस्तर! भारत में बढ़ता ‘ स्लीप डिवोर्स’ का ट्रेंड

top-news

Sleep Divorce: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में स्वस्थ नींद लेना चुनौती बन गया है। इसी समस्या के समाधान के रूप में दुनियाभर में “स्लीप डिवोर्स” का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें पति-पत्नी कानूनी रूप से अलग नहीं होते, लेकिन वे अच्छी नींद पाने के लिए अलग-अलग बेडरूम में सोते हैं। खर्राटे, अलग सोने की आदतें, और व्यक्तिगत आराम की जरूरतें इस बदलाव के मुख्य कारण हैं। स्लीप डिवोर्स  का ट्रेंड पश्चिमी देशों में तो प्रचलित था, लेकिन अब भारत में भी शहरी जीवनशैली और बदलते सामाजिक मूल्यों के कारण इसे अपनाया जाने लगा है।

Sleep Divorce के पीछे कारण और इसके प्रभाव

स्लीप डिवोर्स के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। सबसे प्रमुख कारण नींद की गुणवत्ता में सुधार है। कई लोग पार्टनर के खर्राटों, करवट बदलने, या अलग सोने की आदतों के कारण ठीक से सो नहीं पाते। इसके अलावा, स्वास्थ्य समस्याएं जैसे नींद में चलना या अत्यधिक हिलना-डुलना भी अलग सोने का कारण बन सकता है। साथ ही, वर्क शेड्यूल का अंतर भी एक बड़ी वजह है, खासकर जब पति-पत्नी की नौकरी की टाइमिंग अलग-अलग हो। हालांकि, Sleep Divorce का ट्रेंड कुछ मामलों में रिश्तों में दूरी बढ़ा सकता है, लेकिन कई कपल इसे अपनाकर अपने संबंधों में सकारात्मक बदलाव भी महसूस कर रहे हैं।

क्या भारत में लोकप्रिय हो रहा है स्लीप डिवोर्स?

संयुक्त परिवार और परंपरागत विवाह व्यवस्था के कारण भारत में यह चलन अभी उतना प्रचलित नहीं है, लेकिन तेजी से बदलती जीवनशैली और व्यक्तिगत आराम की बढ़ती प्राथमिकता के चलते यह धीरे-धीरे स्वीकार किया जा रहा है। अध्ययनों के अनुसार, नींद की समस्याओं से जूझ रही बड़ी आबादी अब इसे अपनाने की सोच रही है। अमेरिका और यूरोप में Sleep Divorce ट्रेंड पहले ही काफी लोकप्रिय हो चुका है और अब भारत में भी लोग बिना किसी रिश्ते को तोड़े अपनी नींद को प्राथमिकता दे रहे हैं।