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भारत में विदेशी मछलियों के इस्तेमाल पर एनजीटी ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

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नई दिल्ली। मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों में विदेशी और आक्रामक मछलियों को जल निकायों में छोड़े जाने पर सवाल खड़ा हो गया है। इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में याचिका दायर की गई है, जिस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

याचिका के अनुसार, गंबूसिया एफिनिस (Mosquitofish) और पोसिलिया रेटिकुलाटा (Guppy) नामक दो विदेशी मछली प्रजातियों को असम, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश के जल निकायों में छोड़ा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये आक्रामक मछलियां स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे देशी मछलियों के भोजन की कमी हो सकती है।

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में इन मछलियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, क्योंकि ये पारिस्थितिक संतुलन को बिगाड़ सकती हैं। एनजीटी के आदेश के अनुसार, इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र को जवाब दाखिल करना होगा। इस याचिका पर अगली सुनवाई 6 मई को होगी।

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