Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● यूपी में पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के साथ आजम-अतीक-मुख्तार की तस्वीरें लगाकर लगाए गए नारे ● मेरठ में सीएम योगी बोले- व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश, परिवारवाद पर सपा-कांग्रेस को घेरा ● नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को मिला ‘एक्सीलेंस इन रिसर्च, इनोवेशन एंड साइंटिफिक एडवांसमेंट’ पुरस्कार ● गौतमबुद्धनगर में मजबूत होंगी अग्निशमन सेवाएं, नए फायर स्टेशन और उपकरणों के लिए करोड़ों का बजट मंजूर ● गौतमबुद्धनगर में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 151 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद ● ग्रेटर नोएडा में रामलीला मंचन के लिए भूमि पूजन संपन्न, 11 से 21 अक्टूबर तक होगा विजय महोत्सव ● अखिलेश का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- वीडियो देखकर भी दर्ज करा देंगे मुकदमा ● यूपी में 6 महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी, सीएम योगी ने 21 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र ● खुद के रेस्टोरेंट से खुद ऑर्डर, स्विगी को लगाया लाखों का चूना! ● यमुना प्राधिकरण की ग्रीन बेल्ट में पौधरोपण, विधायक धीरेन्द्र सिंह ने लगाए पौधे

नीति आयोग की रिपोर्ट में ओडिशा और छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन

top-news

नई दिल्ली। नीति आयोग द्वारा जारी राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक (एफएचआई) 2025 की रिपोर्ट में ओडिशा और छत्तीसगढ़ ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। ओडिशा ने 67.8 के स्कोर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया है, जबकि छत्तीसगढ़ 55.2 अंकों के साथ दूसरे और गोवा 53.6 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। रिपोर्ट शुक्रवार को 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया द्वारा जारी की गई।

राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक का उद्देश्य राज्यों की वित्तीय स्थिति का आकलन करना और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए नीति सुधारों का मार्गदर्शन करना है। पांच प्रमुख मापदंड- व्यय की गुणवत्ता, राजस्व जुटाने, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता के आधार पर 18 राज्यों का मूल्यांकन किया गया। जहां झारखंड ने राजकोषीय विवेक और ऋण स्थिरता में सुधार किया है, वहीं कर्नाटक को व्यय गुणवत्ता और ऋण प्रबंधन में कमजोर प्रदर्शन के कारण नुकसान उठाना पड़ा। सबसे खराब प्रदर्शन पंजाब, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल का रहा, जो प्रमुख आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। पनगढ़िया ने कहा कि संतुलित क्षेत्रीय विकास और राजकोषीय स्थिरता के लिए सभी राज्यों को विवेकपूर्ण और स्थायी वित्तीय नीतियां अपनानी होंगी।