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किसानों की महापंचायत में हजारों का हुजूम, राकेश टिकैत बोले- ‘ यह लड़ाई लंबी चलेगी’

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संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को दर्जनों किसान संगठनों के हजारों कार्यकर्ताओं ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण दफ्तर पर महापंचायत आयोजित की। गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा समेत कई जिलों से किसान महापंचायत में शामिल हुए। एहतियात के तौर पर प्राधिकरण को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस और पीएसी के जवान सुबह से ही तैनात रहे। किसानों को रोकने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन अंततः किसानों को महापंचायत स्थल तक पहुंचाया गया।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि अगर गौतमबुद्धनगर के किसान यह लड़ाई हारते हैं, तो पूरे देश के किसान प्रभावित होंगे। टिकैत ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की जमीन पूंजीपतियों को देने में लगी है और उनकी मांगें वर्षों से अनसुनी की जा रही हैं। महापंचायत में किसानों ने 10% विकसित भूखंड, 64.7% अतिरिक्त मुआवजा और नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत लाभ देने की मांग की। इस महापंचायत को समाजवादी पार्टी ने भी समर्थन दिया। जिलाध्यक्ष सुधीर भाटी ने प्राधिकरण और सरकार की नीतियों को तानाशाही करार दिया।

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