Health: परिवार में अस्थमा का इतिहास है तो हो जाए सावधान! बच्चों को इन Foods और Habits से रखें दूर

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Health: आजकल Asthma यानी सांस की बीमारी बच्चों से लेकर बड़ों तक तेजी से फैल रही है। World Health Organization (WHO) के अनुसार दुनिया में 26 करोड़ से अधिक लोग अस्थमा से पीड़ित हैं। भारत में भी साल 2023 तक लगभग 3.5 करोड़ मरीज थे, जो ग्लोबल मामलों का 12.9% हिस्सा है। अस्थमा एक क्रॉनिक (Chronic) बीमारी है जिसमें सांस की नलियों में सूजन, बलगम और सिकुड़न के कारण सांस लेने में दिक्कत, खांसी और सीने में जकड़न जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।


Health: बच्चों में Asthma Risk क्यों ज्यादा?

देशभर में किए गए एक National School-based Study में एक लाख से अधिक बच्चों पर शोध हुआ, जिसमें पाया गया कि अगर परिवार में पहले से किसी को अस्थमा है, तो बच्चों के खानपान से यह खतरा और बढ़ सकता है। खासतौर पर आइसक्रीम, दही, केले और पैक्ड स्नैक्स का सेवन सांस की नलिकाओं को सिकोड़ देता है, जिससे ब्रॉन्कोस्पाज्म और गाढ़ा बलगम बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह स्थिति पहले से कमजोर श्वसन मार्ग को और खराब करती है। डॉक्टर निष्ठा सिंह के अनुसार, “ठंडी प्रकृति के फूड्स (Cold Nature Foods) बच्चों में अस्थमा के लक्षण ट्रिगर कर सकते हैं।”


लाइफस्टाइल और Environment भी जिम्मेदार

जानकारी के लिए बता दे कि Health विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ खानपान ही नहीं बल्कि Environmental Triggers भी अस्थमा को बढ़ावा देते हैं। घरों में सीलन, फफूंदी, धूल, धुआं, बायोमास ईंधन (जैसे लकड़ी, मिट्टी का तेल, कोयला), मच्छर कॉइल और ट्रैफिक Pollution इसके बड़े कारण हो सकते हैं। इतना ही नहीं, हालिया शोध बताते हैं कि हफ्ते में पांच या ज्यादा बार मेकअप (Makeup Products जैसे lipstick, mascara, eyeshadow) करने वाली महिलाओं में भी अस्थमा का खतरा 18% तक बढ़ सकता है। ऐसे में जिन लोगों के परिवार में अस्थमा का इतिहास है, उन्हें अपनी Diet, Lifestyle और Surroundings को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।

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