Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा के सुथ्याना में प्राधिकरण का बुलडोजर एक्शन, 9500 वर्ग मीटर जमीन से अवैध निर्माण ध्वस्त ● ग्रेटर नोएडा में धूमधाम से मनाई गई सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती, कई हस्तियों को किया गया सम्मानित ● ग्रेटर नोएडा में एडू विजार्डियंस की पहली ऑफलाइन परीक्षा संपन्न, 5 मिनट में बच्चों ने हल किए 100 सवाल ● Greater Noida News: प्राधिकरण में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 6 वरिष्ठ प्रबंधकों के विभाग बदले; जानें किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी ● Petrol Diesel Price: सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स खत्म; डीजल और जेट फ्यूल पर बढ़ाई ड्यूटी ● Greater Noida News: नीमका जेल में बंद मां के 5 साल के बेटे का नर्सरी में दाखिला, स्कूल बस लेने आएगी जेल तक ● Noida News: पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने किए 6 पुलिसकर्मियों के तबादले, सेक्टर-63, 49 और फेस-3 थाने को मिले नए प्रभारी ● पीलीभीत वोटर लिस्ट विवाद: दोनों हटाए गए SDM की लखनऊ में तैनाती रद्द, शासन ने प्रतीक्षारत किया ● काशी को मिली तीन नई ट्रेन सेवाओं की सौगात, दिल्ली के लिए दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर; गाजियाबाद और अलीगढ़ में भी होगा ठहराव ● दिल्ली-NCR में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक, प्रदूषण के बढ़ते खतरे के बीच केंद्र का बड़ा फैसला

बार-बार क्यों होता है महिलाओं को UTI? जानें कारण और बचाव के तरीके

Urinary Tract Infection यानी UTI महिलाओं में एक आम समस्या है, जो अक्सर बार-बार लौट आती है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 50-60% महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का अनुभव करती हैं। जब किसी महिला को साल में तीन या उससे अधिक बार यह संक्रमण हो, तो इसे Recurrent UTI कहा जाता है। यह समस्या न केवल शारीरिक तकलीफ देती है बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान करती है।
top-news

Urinary Tract Infection यानी UTI महिलाओं में एक आम समस्या है, जो अक्सर बार-बार लौट आती है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 50-60% महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का अनुभव करती हैं। जब किसी महिला को साल में तीन या उससे अधिक बार यह संक्रमण हो, तो इसे Recurrent UTI कहा जाता है। यह समस्या न केवल शारीरिक तकलीफ देती है बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान करती है।


महिलाओं में ज्यादा क्यों होता है UTI?

महिलाओं की शारीरिक संरचना (anatomy) उन्हें UTI के लिए अधिक संवेदनशील बनाती है। दरअसल, महिलाओं का urethra पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया (ज्यादातर E. coli) आसानी से मूत्राशय तक पहुंच जाते हैं। इसके अलावा, यौन गतिविधि (sexual activity) के दौरान भी बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के पास आ जाते हैं। यही कारण है कि कई महिलाओं को frequent urine infection की समस्या होती है।


मेनोपॉज और हार्मोनल बदलाव

मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन (estrogen hormone) की कमी के कारण योनि का pH स्तर बदल जाता है। इससे योनि और मूत्र मार्ग में संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। यही वजह है कि उम्रदराज महिलाओं में recurrent UTI की समस्या अधिक देखी जाती है।


जाने क्या है बचाव के तरीके

बार-बार होने वाले urinary infection से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता (personal hygiene) बेहद जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, पेशाब रोककर न रखना, और यौन संबंध के बाद पेशाब करना UTI के खतरे को कम कर सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से antibiotics ली जा सकती हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर हार्मोनल थेरेपी (hormonal therapy) भी मददगार हो सकती है।