Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद ● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन ● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख ● ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण अधिकारियों के साथ RWA की बैठक, समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन ● ग्रेटर नोएडा में तीन नए सब-रजिस्ट्रार की तैनाती, दादरी-गामा-2 और जेवर की जिम्मेदारी बदली ● BRICS Summit: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान, हजारों वाहनों की जांच और सैकड़ों पर कार्रवाई ● ग्रेटर नोएडा में चैंबर निर्माण को लेकर वकीलों का हंगामा, शिलापट तोड़ा और सामान बाहर फेंका ● भारत का निर्यात 43.81 अरब डॉलर पार, व्यापार घाटा घटा ● यूपी के वकीलों को बड़ा तोहफा, 5 लाख तक मिलेगा कैशलेस इलाज; 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट ● UPITS 2026: ग्रेटर नोएडा में 25 सितंबर से शुरू होगा ट्रेड शो, 5 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान

बार-बार क्यों होता है महिलाओं को UTI? जानें कारण और बचाव के तरीके

Urinary Tract Infection यानी UTI महिलाओं में एक आम समस्या है, जो अक्सर बार-बार लौट आती है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 50-60% महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का अनुभव करती हैं। जब किसी महिला को साल में तीन या उससे अधिक बार यह संक्रमण हो, तो इसे Recurrent UTI कहा जाता है। यह समस्या न केवल शारीरिक तकलीफ देती है बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान करती है।
top-news

Urinary Tract Infection यानी UTI महिलाओं में एक आम समस्या है, जो अक्सर बार-बार लौट आती है। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 50-60% महिलाएं अपने जीवन में कम से कम एक बार UTI का अनुभव करती हैं। जब किसी महिला को साल में तीन या उससे अधिक बार यह संक्रमण हो, तो इसे Recurrent UTI कहा जाता है। यह समस्या न केवल शारीरिक तकलीफ देती है बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान करती है।


महिलाओं में ज्यादा क्यों होता है UTI?

महिलाओं की शारीरिक संरचना (anatomy) उन्हें UTI के लिए अधिक संवेदनशील बनाती है। दरअसल, महिलाओं का urethra पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया (ज्यादातर E. coli) आसानी से मूत्राशय तक पहुंच जाते हैं। इसके अलावा, यौन गतिविधि (sexual activity) के दौरान भी बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के पास आ जाते हैं। यही कारण है कि कई महिलाओं को frequent urine infection की समस्या होती है।


मेनोपॉज और हार्मोनल बदलाव

मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन (estrogen hormone) की कमी के कारण योनि का pH स्तर बदल जाता है। इससे योनि और मूत्र मार्ग में संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। यही वजह है कि उम्रदराज महिलाओं में recurrent UTI की समस्या अधिक देखी जाती है।


जाने क्या है बचाव के तरीके

बार-बार होने वाले urinary infection से बचने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता (personal hygiene) बेहद जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, पेशाब रोककर न रखना, और यौन संबंध के बाद पेशाब करना UTI के खतरे को कम कर सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से antibiotics ली जा सकती हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं को डॉक्टर की सलाह पर हार्मोनल थेरेपी (hormonal therapy) भी मददगार हो सकती है।