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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेवानिवृत्त कर्मियों की मानदेय नीति में किया संशोधन
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों के अनुबंध मानदेय में संशोधन किया है। अब अंतिम वेतन में से पेंशन घटाकर शेष राशि मानदेय होगी, जबकि नॉन-पेंशन कर्मचारियों को अंतिम वेतन का आधा हिस्सा मिलेगा। महंगाई भत्ता भी शामिल होगा। आदेश 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा।
- Kapil Choudhary
- 04 Nov, 2025
1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा नया आदेश।
जिन सेवानिवृत कर्मचारियों का समय अभी पूरा होना बाक़ी हैं वह अभी कार्य करते रहेंगे।
ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अनुबंध पर तैनात किए जाने वाले सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों के मानदेय निर्धारण में संशोधन किया है। यह आदेश 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा। नया आदेश प्राधिकरण की 140वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में जारी किया गया है।
नए प्रावधान के तहत सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को अंतिम प्राप्त वेतन में से अभी मिल रही पेंशन की राशि घटाने के बाद शेष वेतन मानदेय के रूप में दिया जाएगा। जबकि जिन अधिकारी कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिलती है उनको अंतिम वेतन का आधा हिस्सा मानदेय के रूप में दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्तमान महंगाई भत्ता भी उसी अनुपात में शामिल किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन ने कुछ समय पहले अनुबंध पर रखे जाने वाले सेवानिवृत कर्मचारियों का आदेश रद्द कर दिया था। जिसमें कहा गया था कि नए आदेश के अनुसार, प्राधिकरणों में “क” और “ख” समूह के जिन सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है, उनके अनुबंध या पुनर्नियुक्ति के लिए शासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
लकिन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार जिन सेवानिवृत कर्मचारियों का अनुबंध के अनुसार अभी समय बाक़ी है वह अपना समय पूरा होने तक प्राधिकरण में कार्य करते रहेंगे।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारी दबी ज़ुबान में कहते नज़र आते हैं कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन पर तुरंत फ़ैसला हो गया और इज़ाफ़ा भी कर दिया गया। जबकि सालों से प्राधिकरण में सेवा दे रहे कर्मचारियों की तरफ़ प्राधिकरण का ध्यान नहीं है उनके वेतन बढ़ोतरी पर भी प्राधिकरण को विचार करना चाहिए।