Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● गौतमबुद्धनगर बना सड़क सुरक्षा का मॉडल, ‘Zero Fatality District’ परियोजना से दुर्घटनाओं और मौतों में रिकॉर्ड कमी ● Greater Noida News: सेक्टर-36 के मुख्य द्वार पर शराब की दुकान का विरोध, आबकारी मंत्री से मिले RWA अध्यक्ष ● गौड़ सिटी सेंटर चौराहे पर सक्रिय हुआ गाड़ी का शीशा तोड़कर चोरी करने वाला गिरोह, एक दिन में दो वारदातें ● YEIDA: ग्रेटर नोएडा में 18 जून को होगा आवासीय भूखंडों का आवंटन ● ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को रेलवे बोर्ड से NOC, 7.5 किमी रूट पर बनेंगे 5 नए स्टेशन ● दादरी की 100 करोड़ की पेयजल परियोजना पर घिरा प्रशासन, 12 साल बाद भी नहीं मिला पानी; उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज ● राहुल गांधी की शिक्षा मुहिम! क्यों चुने गए देश के चार सबसे बड़े एजुकेशन हब? ● शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज, संजय राउत का बड़ा आरोप! सांसदों को दिए जा रहे 15 करोड़ रुपये ● नोएडा एयरपोर्ट से पहली कार्गो फ्लाइट रवाना, व्यापार और किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा ● नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कार्गो सेवा शुरू, पश्चिमी यूपी के उत्पादों को मिलेगा Global Market का सीधा रास्ता

नोएडा सेक्टर-145 अंडरपास निर्माण में पेड़ कटाई पर सवाल, ट्रांसप्लांट की मांग तेज

नोएडा के सेक्टर-145 में अंडरपास निर्माण के लिए 300 से अधिक विकसित पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय चिंता गहराती जा रही है।
top-news

नोएडा के सेक्टर-145 में अंडरपास निर्माण के लिए 300 से अधिक विकसित पेड़ों की कटाई को लेकर पर्यावरणीय चिंता गहराती जा रही है। पर्यावरणविद विक्रांत तोंगड़ ने इस मुद्दे पर डीएफओ और नोएडा प्राधिकरण को ईमेल भेजकर पेड़ों की कटाई पर तुरंत रोक लगाने और उन्हें ट्रांसप्लांट करने की मांग की है। उनका कहना है कि आसपास खाली ग्रीन बेल्ट जमीन उपलब्ध है, जहां इन पेड़ों को सुरक्षित रूप से स्थानांतरित किया जा सकता है, जिससे development और environment के बीच संतुलन बना रह सके।


विक्रांत ने अधिकारियों से आग्रह किया है कि पेड़ काटने की दी गई अनुमति पर दोबारा विचार किया जाए और केवल tree transplantation को ही मंजूरी दी जाए। उन्होंने कहा कि नोएडा में लगातार हरियाली कम हो रही है और ऐसे समय में परिपक्व पेड़ों की कटाई से air quality और ecological balance पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि Forest Research Institute देहरादून जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद से ट्रांसप्लांटेशन को सफल बनाया जा सकता है।

पर्यावरणविद ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक मूवमेंट को बेहतर बनाने के लिए अंडरपास जरूरी है, लेकिन आधुनिक तकनीक और पर्याप्त फंड होने के बावजूद पुराने तरीकों से पेड़ों को काटना उचित नहीं है। एक स्थानीय environmental organization के रूप में उनकी टीम पेड़ ट्रांसप्लांटेशन प्रक्रिया में सहयोग देने और अपनी services मुफ्त में उपलब्ध कराने को तैयार है। उनका मानना है कि sustainable development के लिए infrastructure projects में green solutions को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *