Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अवैध खनन फिर बेखौफ, प्रशासनिक कार्रवाई ठप

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक बार फिर अवैध खनन का मुद्दा सुर्खियों में है।
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक बार फिर अवैध खनन का मुद्दा सुर्खियों में है। पूर्व में इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी बीएन सिंह ने मिट्टी माफिया पर शिकंजा कसने के लिए एक समिति का गठन किया था। लेखपालों को क्षेत्र भ्रमण कर अवैध खनन में लिप्त लोगों की पहचान करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही खनन माफिया के खिलाफ गुंडा एक्ट जैसी सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई थी, ताकि illegal mining पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।


प्रशासन की उस पहल के तहत करीब 90 लोगों की सूची भी तैयार की गई थी, लेकिन जिलाधिकारी का तबादला होते ही पूरी कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बाद अवैध खनन से जुड़े लोग फिर सक्रिय हो गए। प्रशासनिक ढील और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर मिट्टी माफिया ने दोबारा अपना नेटवर्क मजबूत कर लिया। यह मामला governance failure और weak enforcement की ओर भी इशारा करता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रेटर नोएडा वेस्ट के खेदना, सैनी, सुनपुरा, तुस्याना समेत आसपास के गांवों में दिन-रात मिट्टी की अवैध खुदाई जारी है। आरोप है कि पुलिस और कुछ प्रशासनिक कर्मचारियों की मिलीभगत से यह काम चल रहा है। बेसमेंट खुदाई के नाम पर बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। यह स्थिति law and order और revenue loss दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

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