खाड़ी देशों में मिसाइल हमलों से दहशत, रबुपुरा के परिवारों की बढ़ी चिंता, Doha, Riyadh और Kuwait से आई डरावनी आवाजें
- sakshi choudhary
- 03 Mar, 2026
रबुपुरा के मोहल्ला सद्भावना नगर की हसीना के लिए वह पल बेहद डरावना था, जब मोबाइल फोन पर बेटे की आवाज की जगह सिर्फ सायरनों की गूंज सुनाई दे रही थी। कुछ क्षणों तक कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था और दिल में यही दुआ थी कि बेटा सलामत रहे। उनका बेटा सगीर कतर के दोहा में रहकर इलेक्ट्रिशियन का काम करता है, जबकि हसीना का कहना है कि उनका बेटा सऊदी अरब के रियाद में पिछले करीब 20 वर्षों से ड्राइविंग का काम कर रहा है। फोन पर हुई बातचीत में बताया गया कि वहां बने अमेरिका के आर्मी कैंप के पास रुक-रुक कर मिसाइलें गिरने की आवाजें, धुएं के गुबार और लगातार बजते सायरन से हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। डर के साये में रातों की नींद उड़ चुकी है और हर वक्त हमले की आशंका बनी रहती है।
इसी तरह रबुपुरा के मोहल्ला शहीद नगर निवासी अंसार खान भी खाड़ी देशों में बढ़ते हमलों से सहमे हुए हैं। वह तीन फरवरी को पारिवारिक कारणों से कुवैत से वापस आए थे और उन्हें जल्द ही लौटना था, लेकिन मौजूदा Gulf Crisis और Missile Attack की खबरों ने उनकी हिम्मत तोड़ दी है। उनका कहना है कि हालात सामान्य होने तक वह दोबारा कुवैत जाने का जोखिम नहीं उठाना चाहते। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और US Army Camp पर हमलों की खबरों ने स्थानीय परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है।
रबुपुरा के इन परिवारों की कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन हजारों भारतीय परिवारों की हकीकत है जिनके अपने Doha, Riyadh और Kuwait जैसे देशों में काम करते हैं। फोन पर सायरनों की आवाज, आसमान में उठता धुआं और हमलों की आशंका ने प्रवासी भारतीयों के परिजनों की नींद छीन ली है। परिजन हर पल ईश्वर से अपने अपनों की सुरक्षा की दुआ कर रहे हैं और जल्द शांति बहाली की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *





