ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना पर मंत्रालय में होगा प्रस्तुतिकरण
- sakshi choudhary
- 16 Mar, 2026
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना को लेकर अब केंद्रीय स्तर पर प्रक्रिया तेज हो गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) द्वारा तैयार किए गए नए प्रस्ताव पर अब आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। इस प्रस्तुति में सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के किसान चौक तक प्रस्तावित मेट्रो रूट की जरूरत, संभावित यात्रियों की संख्या और आसपास की आबादी व औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी। एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्ण करुणेश मंत्रालय में यह प्रस्तुति देंगे। इसके लिए मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह में तारीख मिलने की संभावना है। मंत्रालय की मंजूरी के बाद परियोजना को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के अनुसार सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5 तक लगभग 17.345 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित है। इस पूरे रूट पर कुल 11 स्टेशन बनाने की योजना है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2991 करोड़ रुपये बताई गई है। इस परियोजना को पहले एनएमआरसी बोर्ड से मंजूरी मिली थी और बाद में नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने भी इसे स्वीकृति दे दी थी। फिलहाल यह प्रस्ताव केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए मंत्रालय में लंबित है, जिसका इंतजार ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासी लंबे समय से कर रहे हैं।
परियोजना के पहले चरण में करीब 11 किलोमीटर लंबे रूट पर सात स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इनमें सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123, ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4, सेक्टर-12 इकोटेक और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2 शामिल हैं। वहीं दूसरे चरण में सेक्टर-3, सेक्टर-10 और सेक्टर-12 नॉलेज पार्क-5 स्टेशन बनाए जाएंगे। साथ ही गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) रूट भी किसान चौक के आसपास से गुजरने की योजना है। अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो और आरआरटीएस दोनों परियोजनाएं अलग-अलग होंगी और इससे नोएडा व ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।