Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस ● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद ● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन ● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख ● ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण अधिकारियों के साथ RWA की बैठक, समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन ● ग्रेटर नोएडा में तीन नए सब-रजिस्ट्रार की तैनाती, दादरी-गामा-2 और जेवर की जिम्मेदारी बदली ● BRICS Summit: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान, हजारों वाहनों की जांच और सैकड़ों पर कार्रवाई ● ग्रेटर नोएडा में चैंबर निर्माण को लेकर वकीलों का हंगामा, शिलापट तोड़ा और सामान बाहर फेंका ● भारत का निर्यात 43.81 अरब डॉलर पार, व्यापार घाटा घटा ● यूपी के वकीलों को बड़ा तोहफा, 5 लाख तक मिलेगा कैशलेस इलाज; 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जून में उड़ान शुरू होने की उम्मीद, 70 फ्लाइट प्रस्तावों से बढ़ी रफ्तार

Noida International Airport से वाणिज्यिक उड़ानें जून 2026 के मध्य तक शुरू हो सकती हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YAPL) द्वारा संशोधित एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्लान (ASP) को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मंजूरी एक सप्ताह में मिल सकती है और इसके बाद एयरपोर्ट को पूरी तरह ऑपरेशनल बनाने में लगभग 45 दिन का समय लगेगा। इस दौरान स्टाफ आईडी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
top-news

Noida International Airport से वाणिज्यिक उड़ानें जून 2026 के मध्य तक शुरू हो सकती हैं। यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YAPL) द्वारा संशोधित एयरपोर्ट सिक्योरिटी प्लान (ASP) को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मंजूरी एक सप्ताह में मिल सकती है और इसके बाद एयरपोर्ट को पूरी तरह ऑपरेशनल बनाने में लगभग 45 दिन का समय लगेगा। इस दौरान स्टाफ आईडी, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।


एयरपोर्ट प्रबंधन के मुताबिक, अब तक करीब 70 फ्लाइट प्रस्ताव मिल चुके हैं, जिनमें इंडिगो, अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी बड़ी एयरलाइंस शामिल हैं। इन प्रस्तावों के तहत देश के लगभग सभी प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है। एयरलाइंस को अनुमति मिलने के बाद वे अपने फ्लाइट शेड्यूल जारी करेंगे और ऑनलाइन-ऑफलाइन टिकट बुकिंग भी शुरू हो जाएगी। एयरपोर्ट का डेटा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सर्वर से भी जोड़ा जाएगा ताकि कनेक्टिविटी और संचालन सुचारु रूप से हो सके।


इस देरी के कारण यापल को रोजाना करीब 2 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है, जो मासिक स्तर पर लगभग 70 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। एयरपोर्ट निर्माण में लगभग 8000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और अब कंपनी जल्द से जल्द रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट की दिशा में काम कर रही है। अनुमान है कि संचालन शुरू होने के बाद यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा और क्षेत्र को बड़े एविएशन हब के रूप में स्थापित करेगा।