Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा में बढ़े AC ब्लास्ट के मामले, भीषण गर्मी में लापरवाही पड़ सकती है भारी

नोएडा में भीषण गर्मी के बीच एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही AC में आग लगने और ब्लास्ट होने की घटनाएं भी चिंता का कारण बन गई हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार अधिकांश हादसे तकनीकी खराबी, गैस रिसाव, खराब वायरिंग और समय पर सर्विसिंग न कराने के कारण हो रहे हैं।
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नोएडा में भीषण गर्मी के बीच एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही AC में आग लगने और ब्लास्ट होने की घटनाएं भी चिंता का कारण बन गई हैं। अग्निशमन विभाग के अनुसार अधिकांश हादसे तकनीकी खराबी, गैस रिसाव, खराब वायरिंग और समय पर सर्विसिंग न कराने के कारण हो रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि 45 से 50 डिग्री तापमान में AC को लगातार कई घंटों तक 16 या 18 डिग्री पर चलाने से कंप्रेसर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे वह ओवरहीट होकर आग या ब्लास्ट का कारण बन सकता है।


मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे ने बताया कि पुराने घरों की कमजोर वायरिंग और ढीले सॉकेट भी बड़े हादसों की वजह बन रहे हैं। AC अधिक बिजली खपत करने वाला उपकरण है, इसलिए खराब तार या शॉर्ट सर्किट आग लगने का जोखिम बढ़ाते हैं। इसके अलावा फिल्टर और कंडेंसर में धूल जमा होने से मशीन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और कंप्रेसर तेजी से गर्म होने लगता है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि गैस रिसाव या जलने जैसी गंध आने पर तुरंत AC बंद करें और केवल अधिकृत तकनीशियन से ही मरम्मत व गैस भरवाएं।


नोएडा में जून महीने में AC ब्लास्ट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सेक्टर-100 की लोटस बुलेवर्ड सोसाइटी और सेक्टर-75 की आईवी काउंटी सोसाइटी में AC ब्लास्ट के बाद आग लगने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना, साल में कम से कम एक-दो बार सर्विसिंग कराना, एमसीबी और अर्थिंग की जांच करवाना तथा आउटडोर यूनिट के आसपास पर्याप्त हवा का इंतजाम करना बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसे को टाल सकती है।