Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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नोएडा में बारिश से जलभराव का संकट! सेक्टर-34 के अपार्टमेंट डूबे

नोएडा में मानसून की पहली तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सेक्टर-34 में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई अपार्टमेंट परिसरों में भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
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नोएडा में मानसून की पहली तेज बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सेक्टर-34 में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई अपार्टमेंट परिसरों में भारी जलभराव हो गया, जिससे लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए फेडरेशन का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण ने मानसून से पहले नालों की समय पर सफाई नहीं कराई, जिसके कारण मुख्य नाला ओवरफ्लो हो गया और बारिश का पानी बाहर नहीं निकल सका। हालात इतने खराब हो गए कि कई सोसायटियों के बेसमेंट, पार्किंग और आवासीय परिसरों में पानी भर गया। जलभराव के साथ-साथ सीवर लाइनों में बैकफ्लो की समस्या भी सामने आई, जिससे लोगों को बदबू, गंदगी और संक्रमण फैलने का खतरा झेलना पड़ रहा है।


आरडब्ल्यूए फेडरेशन सेक्टर-34 के अध्यक्ष केके जैन ने बताया कि यदि मानसून शुरू होने से पहले नालों की वैज्ञानिक तरीके से सफाई कराई गई होती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उनका कहना है कि मुख्य नाले में जमा सिल्ट, कूड़ा और मलबा बारिश के पानी के बहाव में सबसे बड़ी बाधा बना। स्थिति बिगड़ने के बाद अब नोएडा प्राधिकरण द्वारा नाले से सिल्ट और कचरा हटाने का कार्य शुरू किया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई काफी देर से की गई। लगातार हो रही बारिश के बीच अपार्टमेंट परिसरों में जलभराव और सीवर बैकफ्लो ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। निवासियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।


आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि सेक्टर-34 समेत पूरे शहर में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत किया जाए और बड़े व छोटे सभी नालों की नियमित एवं समयबद्ध सफाई सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि केवल बारिश के बाद सफाई अभियान चलाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि मानसून से पहले व्यापक तैयारी करना जरूरी है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, नियमित रखरखाव और समय पर नालों की सफाई ही जलभराव जैसी समस्याओं से बचा सकती है। फिलहाल सेक्टर-34 के निवासी उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस बार केवल आश्वासन देने के बजाय ठोस और स्थायी कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को बार-बार ऐसी मुश्किलों का सामना न करना पड़े।