Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा में भारी बारिश के बीच जलभराव से निपटने के लिए प्राधिकरण अलर्ट, सीईओ के निर्देश पर फील्ड में डटी रहीं टीमें

बुधवार रात और गुरुवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद ग्रेटर नोएडा में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया।
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बुधवार रात और गुरुवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद ग्रेटर नोएडा में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार के निर्देश पर सभी वर्क सर्किल की टीमें सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में तैनात रहीं और जहां भी जलभराव की सूचना मिली, वहां तत्काल पहुंचकर पानी की निकासी कराई गई। सीईओ ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश के दौरान फील्ड में रहकर स्थिति पर लगातार नजर रखें तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद सुपरवाइजर से लेकर वर्क सर्किल प्रभारी तक अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहे। जिन स्थानों पर सड़कों पर पानी जमा मिला, वहां पंप लगाकर जल निकासी कराई गई, साथ ही नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की तत्काल सफाई एवं मरम्मत कर पानी के बहाव को सुचारु बनाया गया। सभी वर्क सर्किल की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति का नियमित अपडेट भी साझा करती रहीं, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।


बारिश के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने भी स्वयं फील्ड में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) श्रीलक्ष्मी वीएस ने सेक्टर ईकोटेक-2 और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जबकि एसीईओ सुमित यादव ने ईकोटेक-3 और 130 मीटर रोड पर जलभराव की स्थिति का आकलन किया। इसके अलावा महाप्रबंधक ए.के. सिंह और उप महाप्रबंधक विजय कुमार रावल भी लगातार फील्ड में मौजूद रहे। विजय कुमार रावल ने बैनेट विश्वविद्यालय, सिरसा गोलचक्कर, ट्रकर्स प्वाइंट सहित आसपास के इलाकों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा की। प्रमुख गोलचक्करों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष टीमें तैनात की गईं ताकि बारिश के दौरान यातायात प्रभावित न हो और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों में तुरंत पंपिंग व्यवस्था शुरू कर पानी निकालने का कार्य कराया।

प्राधिकरण ने भविष्य में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए दीर्घकालिक कदम भी तेज कर दिए हैं। वर्क सर्किल और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ग्रामवार तय शेड्यूल के अनुसार नालों की सफाई अभियान चला रही है, जिससे बारिश का पानी बिना रुकावट निकल सके। वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, नागेंद्र सिंह, नरोत्तम सिंह और प्रभात शंकर सहित सभी प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और सुपरवाइजर लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्था संभालते रहे। प्राधिकरण का कहना है कि मानसून के पूरे सीजन में जलभराव की समस्या पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और जहां भी आवश्यकता होगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और जलभराव मुक्त आवागमन उपलब्ध कराना है, ताकि भारी बारिश के बावजूद शहर की सामान्य गतिविधियां प्रभावित न हों।