ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग के आयुक्त मोहम्मद नदीम ने शनिवार को गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग और पुलिस विभाग के जन सूचना अधिकारियों (PIO) तथा प्रथम अपीलीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान जिले में लंबित 220 आरटीआई प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। सूचना आयुक्त ने सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सूचना उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी द्वारा सूचना देने में लापरवाही या जानबूझकर विलंब किया जाता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम लोकतंत्र को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और नागरिकों को समय पर सूचना उपलब्ध कराना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है।
बैठक के दौरान राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों के बाहर जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के नाम, पद, मोबाइल नंबर तथा ई-मेल आईडी का स्पष्ट सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों को आरटीआई आवेदन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने विभागीय वेबसाइटों को नियमित रूप से अपडेट रखने पर भी विशेष जोर दिया और कहा कि विभिन्न विभागों की वेबसाइटों पर आवश्यक सूचनाएं समय-समय पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही आरटीआई से जुड़े अभिलेखों और दस्तावेजों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को मजबूत बनाती है बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच विश्वास भी बढ़ाती है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सूचना मांगने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार किया जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
राज्य सूचना आयोग की इस समीक्षा बैठक को जिले में आरटीआई व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए और लंबित मामलों के निस्तारण में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। सूचना आयुक्त ने कहा कि सुशासन की मजबूत नींव पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित होती है तथा सूचना का अधिकार अधिनियम नागरिकों को शासन में भागीदारी का प्रभावी माध्यम प्रदान करता है। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय रिकॉर्ड को डिजिटल और सुव्यवस्थित रखने, समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराने तथा शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्देशों के प्रभावी पालन से गौतमबुद्ध नगर जिले में आरटीआई व्यवस्था अधिक सशक्त होगी, लंबित मामलों में कमी आएगी और आम नागरिकों को सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।