नोएडा: इंस्टाग्राम पर आत्महत्या का वीडियो पोस्ट करते ही हरकत में आई पुलिस, Meta अलर्ट से 21 वर्षीय युवक की बची जान
- sakshi choudhary
- 20 Jul, 2026
नोएडा के गौतमबुद्धनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक 21 वर्षीय युवक की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में मुख्यालय पुलिस महानिदेशक स्थित सोशल मीडिया सेंटर और कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की मीडिया सेल के समन्वित प्रयासों से थाना बिसरख पुलिस ने आत्महत्या का प्रयास कर रहे युवक को समय रहते सुरक्षित बचा लिया। जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को युवक ने अपनी प्रेमिका के परिजनों द्वारा मिलने पर रोक लगाए जाने से मानसिक तनाव और अवसाद में आकर इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट किया। पोस्ट अपलोड होने के कुछ ही समय बाद Meta कंपनी ने सुबह 3:48 बजे उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेजा। पुलिस मुख्यालय ने तत्काल युवक की लोकेशन ट्रेस कर यह सूचना गौतमबुद्धनगर पुलिस की मीडिया सेल को उपलब्ध कराई, जिसके बाद थाना बिसरख पुलिस बिना देर किए युवक के घर पहुंच गई।
पुलिस जब युवक के घर पहुंची तो परिजनों को सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी देकर उसके कमरे तक पहुंची। वहां युवक अपनी कलाई पर ब्लेड से वार करने की कोशिश कर रहा था और मानसिक रूप से बेहद अस्थिर स्थिति में था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसके हाथ से ब्लेड छीनकर दूर फेंका और परिवार की मदद से उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद युवक को सुरक्षित घर भेज दिया। सामान्य होने पर पूछताछ में युवक ने बताया कि वह 12वीं पास है और मजदूरी करता है। वह एक युवती से प्रेम करता था, लेकिन युवती के परिवार ने दोनों के मिलने पर रोक लगा दी थी। इसी कारण वह गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में चला गया और उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने युवक की काउंसलिंग कर उसे जीवन के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिसके बाद उसने भविष्य में ऐसा कदम न उठाने का भरोसा दिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, तकनीकी सतर्कता और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया कई बार किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। गौतमबुद्धनगर पुलिस की मीडिया सेल, मुख्यालय सोशल मीडिया सेंटर और थाना बिसरख पुलिस के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह रेस्क्यू सफल हो सका। युवक के परिजनों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय व्यवहार की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। यह मामला समाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि मानसिक तनाव या भावनात्मक संकट की स्थिति में अकेले संघर्ष करने के बजाय परिवार, मित्रों या विशेषज्ञों से मदद लेना जरूरी है। समय पर मिली सहायता न केवल किसी की जान बचा सकती है, बल्कि उसे नई उम्मीद और नई शुरुआत भी दे सकती है।
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