Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Operation Invictus: गौतमबुद्धनगर पुलिस का दिव्यांग बच्चों के लिए बड़ा अभियान, ऑटिज्म और बौद्धिक दिव्यांगता पर विशेष फोकस

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने Special Needs यानी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और पुनर्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में 24 जुलाई 2026 को सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में "Operation Invictus (ऑपरेशन अपराजेय)" के तहत एक उच्चस्तरीय अंतरविभागीय गोष्ठी आयोजित की गई।
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गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने Special Needs यानी विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों और पुनर्वास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह की अध्यक्षता में 24 जुलाई 2026 को सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय में "Operation Invictus (ऑपरेशन अपराजेय)" के तहत एक उच्चस्तरीय अंतरविभागीय गोष्ठी आयोजित की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऑटिज्म (Autism) और बौद्धिक दिव्यांगता (Intellectual Disability) से प्रभावित बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी वातावरण उपलब्ध कराना है। उल्लेखनीय है कि यह अभियान 9 जून 2026 से गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से Special Needs बच्चों और उनके परिवारों को सरकारी योजनाओं, आवश्यक सेवाओं और उनके विधिक अधिकारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, NIEPID तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर दिव्यांग बच्चों के कल्याण के लिए समन्वित कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।


बैठक के दौरान Operation Invictus की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिव्यांग बच्चों के लिए सरकारी सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसमें दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, यूनिक दिव्यांग पहचान पत्र (UDID), दिव्यांग पेंशन योजना, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, Early Diagnosis Programme, District Early Intervention Centre (DEIC) की सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा एवं प्रमाणन शिविर आयोजित करने जैसे विषय प्रमुख रहे। साथ ही विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने, अभिभावकों की समस्याओं के समाधान, Caregiver Verification, Beat Outreach Programme तथा Neighbourhood Security Scheme के जरिए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस कमिश्नरेट ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA), स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की रणनीति भी तैयार की, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके।


गोष्ठी में यह निर्णय लिया गया कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रत्येक दिव्यांग बच्चे और उसके परिवार तक केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाएंगे। इसमें समग्र शिक्षा, Inclusive Education, पुनर्वास सेवाएं और अन्य सशक्तिकरण कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने स्पष्ट किया कि Operation Invictus केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि Special Needs बच्चों के सम्मान, सुरक्षा, अधिकारों के संरक्षण और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का जनकल्याणकारी मिशन है। उन्होंने सभी विभागों से संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार प्रभावी रूप से संचालित किया जाएगा।