Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा की 40 सोसाइटियों में लगेंगे विशेष प्लास्टिक बिन, प्लास्टिक वेस्ट के लिए शुरू हुई नई पहल

ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और पॉलीथीन मुक्त शहर बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किया इंडिया (सीएसआर) और आईपीसीए के सहयोग से डेवलप रिस्पोंसबिल आउटलुक फॉर प्लास्टिक (डीआरओपी) योजना की शुरुआत की है।
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ग्रेटर नोएडा को स्वच्छ, सुंदर और पॉलीथीन मुक्त शहर बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किया इंडिया (सीएसआर) और आईपीसीए के सहयोग से डेवलप रिस्पोंसबिल आउटलुक फॉर प्लास्टिक (डीआरओपी) योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत शहर की आवासीय सोसाइटियों में प्लास्टिक और पॉलीथीन कचरे को अलग से एकत्र करने के लिए विशेष प्लास्टिक बिन लगाए जाएंगे। पहले चरण में 40 ऐसी सोसाइटियों का चयन किया गया है, जो बल्क वेस्ट जेनरेटर की श्रेणी में आती हैं। इन सोसाइटियों से एकत्र होने वाले प्लास्टिक कचरे को प्रतिदिन एक विशेष वाहन के माध्यम से प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाया जाएगा, जहां उसका वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण किया जाएगा। योजना का शुभारंभ शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह और सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया। इस पहल का उद्देश्य शहर में प्लास्टिक कचरे का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।


योजना के शुभारंभ के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से नागरिकों को प्लास्टिक और पॉलीथीन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में प्लास्टिक के कम इस्तेमाल, कचरे के पृथक्करण और रीसाइक्लिंग के महत्व को सरल तरीके से समझाया गया। ऑडिटोरियम परिसर में प्लास्टिक वेस्ट से तैयार किए गए विभिन्न उपयोगी उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिससे लोगों को यह संदेश दिया गया कि प्लास्टिक कचरे का सही प्रबंधन कर उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। कार्यक्रम में स्कूलों के छात्र-छात्राओं, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक एके सिंह ने कहा कि विशेष प्लास्टिक बिन उन्हीं सोसाइटियों में लगाए जाएंगे, जहां पहले से सूखे और गीले कचरे का पृथक्करण किया जा रहा है। सहायक प्रबंधक गौरव बघेल ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए बल्क वेस्ट जेनरेटरों की जिम्मेदारी है कि वे कचरे का सही तरीके से पृथक्करण और निस्तारण करें। आईपीसीए के सचिव अजय गर्ग और उपनिदेशक डॉ. राधा गोयल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रेटर नोएडा में प्लास्टिक के पुनः उपयोग को बढ़ावा देना और व्यवस्थित कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। वहीं, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने शहरवासियों से अपील की कि वे घरों में अलग-अलग डस्टबिन का उपयोग कर सूखे और गीले कचरे को अलग रखें तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम कर स्वच्छ और हरित ग्रेटर नोएडा के निर्माण में अपना योगदान दें।

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