ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे में छह वर्षीय बच्चे की जान चली गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से बोरिंग कार्य के लिए खोदे गए लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में लगातार बारिश के कारण पानी भर गया था। इसी दौरान पहली कक्षा में पढ़ने वाला बच्चा अन्य बच्चों के साथ खेलते हुए वहां पहुंचा और पानी में तैर रही लकड़ी उठाने की कोशिश में उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह गहरे पानी में डूब गया। साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी प्रयास के बाद बच्चे को बाहर निकालकर यथार्थ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता केंद्रीय विद्यालय में उप-प्रधानाचार्य हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, गड्ढा पिछले तीन दिनों से खुला पड़ा था और उसके आसपास किसी प्रकार की बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया था। कई लोगों ने बताया कि मौके की स्ट्रीट लाइटें भी खराब थीं, जिससे रात के समय खतरा और बढ़ गया था। रेस्क्यू में शामिल लोगों ने बताया कि उन्हें तैरना नहीं आता था, फिर भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चे को बचाने का प्रयास किया। काफी देर की मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और गड्ढे को सुरक्षित तरीके से ढका या घेरा गया होता, तो इस हादसे को रोका जा सकता था। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने भी आरोप लगाया कि बोरिंग कार्य शुरू करने से पहले सोसायटी को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी और सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने नॉलेज पार्क थाने में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने इस घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि इससे पहले भी खुले गड्ढों को लेकर हादसे हो चुके हैं और प्राधिकरण ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के दावे किए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हुआ। अब क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि शहर में चल रहे सभी निर्माण स्थलों का तत्काल सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, खुले गड्ढों की बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त मानकों को लागू किया जाए।