ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 स्थित कलाधाम सोसाइटी में शनिवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में 6 वर्षीय मासूम अव्यान सूर्या की बोरवेल के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतक अव्यान केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव का बेटा था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एनजी रवि कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कलाधाम सोसाइटी में नलकूप निर्माण का कार्य करीब तीन दिन पहले शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। कार्यस्थल पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई, जिसके कारण यह दुखद हादसा हुआ।
जांच में यह भी सामने आया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले ठेकेदार ने जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी थी। बोरवेल के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भर गया था, जो बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा, सहायक प्रबंधक मनोज चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराई। इसके बाद वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा की ओर से नॉलेज पार्क कोतवाली में ठेकेदार की फर्म सुप्रीम इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन के प्रोपराइटर मनोज कुमार जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई। साथ ही प्राधिकरण के तकनीकी सुपरवाइजर आकाश कुमार और सुपरवाइजर जॉनी कुमार की लापरवाही को गंभीर मानते हुए दोनों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई। प्राधिकरण ने दोनों कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सीईओ एनजी रवि कुमार ने सभी वर्क सर्किलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और अन्य सभी सुरक्षा उपायों को लागू करने के बाद ही की जाए। यदि किसी भी परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण का कहना है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।