Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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GNIDA में आउटसोर्स टेक्निकल सुपरवाइजरों का विरोध, JE स्तर का काम लेकिन अधिकार नहीं

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के आउटसोर्स टेक्निकल सुपरवाइजरों ने सेवा सुरक्षा, स्पष्ट जॉब डिस्क्रिप्शन, SOP और कार्यों के अनुरूप अधिकारों की मांग को लेकर CEO को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।
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ग्रेटर नोएडा, 31 जुलाई। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) में कार्यरत आउटसोर्स एवं अस्थायी टेक्निकल सुपरवाइजरों ने अपनी सेवा सुरक्षा, कार्यों के स्पष्ट निर्धारण और अधिकारों की मांग को लेकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के नाम ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से सहायक अभियंता (AE) और अवर अभियंता (JE) स्तर तक के तकनीकी, कार्यालयी, भूमि और विधिक कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनके लिए कोई स्पष्ट जॉब डिस्क्रिप्शन, सेवा नियमावली या स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी नहीं किया गया है। कर्मचारियों के अनुसार उनसे साइट सुपरविजन, एस्टिमेट तैयार करना, टेंडर दस्तावेज बनाना, गुणवत्ता नियंत्रण, मापन, बिलिंग, विभिन्न पत्रावलियों का निस्तारण, आरटीआई और शिकायतों के उत्तर तैयार करने के साथ-साथ भूमि और न्यायालय से जुड़े कार्य भी कराए जाते हैं। उनका कहना है कि अधिकांश जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें निर्णय लेने या किसी फाइल पर संस्तुति देने का अधिकार नहीं दिया गया है, जबकि किसी भी त्रुटि या शिकायत की स्थिति में जवाबदेही उन्हीं पर तय कर दी जाती है।

ज्ञापन में कर्मचारियों ने यह भी उल्लेख किया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के Planning, Land, Law और Property विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को उनके कार्यों के अनुरूप विभिन्न पत्रावलियों पर संस्तुति करने का अधिकार प्राप्त है। इसी प्रकार नोएडा प्राधिकरण में भी आउटसोर्स तकनीकी कर्मचारियों को तकनीकी अभिमत और संस्तुति देने की शक्ति प्रदान की गई है। इसके विपरीत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के Project विभाग में कार्यरत टेक्निकल सुपरवाइजरों से समान या उससे अधिक जिम्मेदारी वाले कार्य लिए जाते हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार के हस्ताक्षर या संस्तुति संबंधी अधिकार नहीं दिए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि कार्यों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है तो अधिकार भी उसी अनुपात में मिलने चाहिए। उन्होंने अतिरिक्त कार्यभार के स्पष्ट विभाजन और प्रत्येक दायित्व के लिए लिखित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी उठाई है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी अस्पष्टता रहे।

कर्मचारियों ने हाल ही में निर्माण कार्य के दौरान हुई एक दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद बिना निष्पक्ष जांच और संबंधित कर्मचारी का पक्ष सुने सीधे आउटसोर्स कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है, जिससे कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। उन्होंने मांग की कि भविष्य में किसी भी दुर्घटना या शिकायत की स्थिति में पहले सभी संबंधित पक्षों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक जिम्मेदारी तय की जाए और उसके बाद ही कोई विभागीय या कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उन्होंने शीघ्र जॉब डिस्क्रिप्शन, SOP, कार्यों के अनुरूप अधिकार, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। कर्मचारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं बल्कि पारदर्शी और न्यायसंगत कार्य व्यवस्था स्थापित कराना है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन सहित अन्य वैधानिक कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।