ग्रेटर नोएडा में बेटियों की पढ़ाई को मिलेगा नया ठिकाना, बिसरख में बनेगा पहला कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय
- sakshi choudhary
- 01 Aug, 2026
ग्रेटर नोएडा के बिसरख ब्लॉक में बेटियों की शिक्षा को लेकर बड़ी पहल होने जा रही है। वर्षों से चली आ रही कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की मांग अब पूरी होने की दिशा में है। जमीन की बाधा दूर होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने मकौड़ा गांव में कक्षा 6 से 12 तक के आवासीय कस्तूरबा विद्यालय के निर्माण के लिए दो एकड़ जमीन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस विद्यालय में लगभग 200 छात्राओं के लिए पढ़ाई और आवास की व्यवस्था होगी। अभी तक बिसरख ब्लॉक की छात्राओं को कस्तूरबा विद्यालय में पढ़ाई के लिए दादरी, दनकौर और जेवर जाना पड़ता था। दूरी और आवागमन की परेशानी के कारण कई छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होती थी। नया विद्यालय शुरू होने के बाद आसपास के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।
मकौड़ा गांव में बनने वाला यह विद्यालय बिसरख ब्लॉक का पहला कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय होगा, जहां कक्षा 6 से 12 तक की छात्राएं रहकर पढ़ाई कर सकेंगी। विद्यालय में छात्राओं को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने की योजना है। यहां हाईटेक क्लासरूम, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, कौशल प्रयोगशाला और खेल मैदान जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। छात्राओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी की जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप पढ़ाई को प्रैक्टिकल, समग्र और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। आवासीय सुविधा होने के कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाली छात्राओं को पढ़ाई के लिए रोजाना लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे बेटियों की शिक्षा में आने वाली आर्थिक और सामाजिक बाधाएं कम करने में मदद मिलेगी।
इस विद्यालय का लाभ पल्ला, बोड़ाकी, दतावली, तिलपता, जैतपुर, घोड़ी बछेड़ा, साकीपुर, थापखेड़ा, डाढ़ा, सेक्टर ईटा, जीटा, डेल्टा और बीटा समेत आसपास के क्षेत्रों की छात्राओं को मिलने की उम्मीद है। बिसरख में विद्यालय बनने से गरीब और ग्रामीण परिवारों की बेटियों को निशुल्क शिक्षा के साथ आवासीय सुविधा भी मिल सकेगी, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। वर्तमान में दादरी, दनकौर और जेवर में कस्तूरबा विद्यालयों में करीब 250 छात्राओं के लिए व्यवस्था है। इन विद्यालयों में भी कक्षा 12 तक छात्रावास विकसित किए जा रहे हैं। बिसरख का नया विद्यालय इस लिहाज से भी खास होगा क्योंकि यहां शुरुआत से ही कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है। शिक्षा विभाग के अनुसार, यह पहल बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और क्षेत्र की बेटियों के भविष्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *