दिल्ली-NCR में झूमकर बरसा सावन, गर्मी से राहत लेकिन जलभराव ने बढ़ाई परेशानी
- sakshi choudhary
- 07 Aug, 2026
दिल्ली-NCR में मानसून ने एक बार फिर जोरदार दस्तक दी है। बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश का दौर बृहस्पतिवार शाम तक जारी रहा। सुबह से कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली। हालांकि, तेज बारिश के कारण दिल्ली की सड़कें और बाजार पानी में डूब गए। सदर बाजार की संकरी गलियों में घुटनों तक पानी भर गया और कई दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। प्रीत विहार में भारी बारिश के बीच एक विशाल बरगद का पेड़ गिरने से तीन कारें दब गईं। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी जनहानि की खबर नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, सफदरजंग में शाम 5:30 बजे तक 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि लोधी रोड समेत कई इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई।
बारिश का असर दिल्ली के तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। सफदरजंग में अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.6 डिग्री कम रहा। वहीं, दिल्ली के अलग-अलग मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 5.2 से 7.1 डिग्री सेल्सियस तक नीचे दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दिल्ली में इस समय एक साथ कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ दिल्ली के करीब से गुजर रही है, जबकि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर निचले स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है। मानसूनी हवाओं, नमी और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से बादलों को मजबूती मिल रही है और दिल्ली-NCR में बारिश का दौर बना हुआ है।
मौसम विभाग ने 7 अगस्त को दिल्ली में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 31 से 33 और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। 8 से 12 अगस्त के बीच भी आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि, बारिश के साथ दिल्ली में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या लगातार चिंता बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली का मौजूदा ड्रेनेज प्लान 1976 में तैयार किया गया था, जब आबादी करीब 60 लाख थी, जबकि आज आबादी दो करोड़ से ज्यादा है। तेजी से बढ़ता शहरीकरण, कचरा प्रबंधन की कमी और नालों पर दबाव बारिश के दौरान जलभराव को और गंभीर बना देता है। ऐसे में दिल्ली को बारिश से राहत तो मिल रही है, लेकिन शहरी बाढ़ और ड्रेनेज व्यवस्था की चुनौती अब भी बड़ी बनी हुई है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *