Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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प्रेस क्लब ऑफ भारत में शिक्षक सम्मान समारोह, शिक्षा और पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर हुआ मंथन

शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ भारत के कार्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
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शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ भारत के कार्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने किया। इस दौरान गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की एचओडी बंदना पांडे, शारदा विश्वविद्यालय की डीन रितु सूद, गलगोटिया विश्वविद्यालय की नेहा जिंदल और आईआईएमटी कॉलेज के एचओडी राम शंकर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा, पत्रकारिता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच बदलती सामाजिक जिम्मेदारियों पर सार्थक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराना भी है।


बंदना पांडे ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 5 सितंबर महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षक और गुरु दोनों का विशेष महत्व है। शिक्षक जहां ज्ञान प्रदान करता है, वहीं गुरु जीवन का बोध कराते हुए सही दिशा दिखाता है। रितु सूद ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सोच, व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने वाला मार्गदर्शक है। नेहा जिंदल ने एआई के बढ़ते प्रभाव पर कहा कि आज बच्चों के पास जानकारी की कमी नहीं है, लेकिन सही दिशा की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। उनके मुताबिक एआई सूचना दे सकता है, लेकिन सही और गलत में अंतर समझाकर जीवन की दिशा दिखाने की भूमिका शिक्षक की ही रहेगी। राम शंकर ने कहा कि एआई और जेन-Z के दौर में सूचना के साथ शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक चेतना भी बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज को ज्ञान और संस्कार देते हैं, जबकि पत्रकार समाज को तथ्यों और सच्चाई से रूबरू कराने का काम करते हैं।

इस अवसर पर प्रेस क्लब ऑफ भारत के अध्यक्ष नरेंद्र भाटी ने कहा कि पत्रकार समाज की आवाज बनकर दूसरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हैं, लेकिन संकट के समय पत्रकारों को अकेला नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार की सबसे बड़ी ताकत उसकी कलम है और उसे निर्भीक बनाए रखने के लिए संगठन का सहयोग जरूरी है। उन्होंने प्रेस क्लब ऑफ भारत को पत्रकारों के लिए सहयोग, सम्मान और सुरक्षा का मजबूत मंच बनाने तथा गौतम बुद्ध नगर के पत्रकारों को एकजुट कर निष्पक्ष, निडर और स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूत करने का संकल्प दोहराया। महासचिव नितिन शर्मा ने पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पत्रकारों की एकजुटता को समय की आवश्यकता बताया। वहीं कोषाध्यक्ष कैलाश चंद ने कहा कि प्रेस क्लब ऑफ भारत पत्रकारों के हितों और अधिकारों की आवाज को मजबूत करने के लिए निरंतर काम करेगा। उन्होंने पत्रकारों से संगठन से जुड़कर एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।