Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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शारदा यूनिवर्सिटी में ‘कोड टू चिप’ वर्कशॉप, छात्रों ने सीखा ASIC डिजाइन का पूरा फ्लो

ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा सेंटर फॉर सेमीकॉन टेक्नोलॉजी ने ‘सेमीकॉन गुरुकुल’ के सहयोग से दो दिवसीय प्रैक्टिकल वर्कशॉप ‘कोड टू चिप – कम्प्लीट ASIC फ्लो’ का आयोजन किया।
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ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी के शारदा सेंटर फॉर सेमीकॉन टेक्नोलॉजी ने ‘सेमीकॉन गुरुकुल’ के सहयोग से दो दिवसीय प्रैक्टिकल वर्कशॉप ‘कोड टू चिप – कम्प्लीट ASIC फ्लो’ का आयोजन किया। वर्कशॉप का उद्देश्य एकेडमिक लर्निंग और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना रहा। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को Cadence EDA टूल्स की मदद से RTL डेवलपमेंट, वेरिफिकेशन, सिंथेसिस, फिजिकल इम्प्लीमेंटेशन, टाइमिंग क्लोजर और साइन-ऑफ सहित ASIC डिजाइन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का प्रैक्टिकल अनुभव दिया गया। यूनिवर्सिटी के आधिकारिक कार्यक्रम विवरण के अनुसार, ट्रेनिंग में RTL कोड से लेकर GDSII लेआउट तक डिजिटल ASIC डिजाइन फ्लो को समझने पर जोर दिया गया।


वर्कशॉप में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े अनुभवी प्रोफेशनल्स ने भी हिस्सा लिया और GPU सिस्टम मॉडलिंग, फ्रंट-एंड वेरिफिकेशन तथा बैक-एंड फिजिकल डिजाइन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी साझा की। इससे छात्रों, फैकल्टी और रिसर्चर्स को यह समझने का अवसर मिला कि हार्डवेयर डिजाइन की शुरुआती अवधारणा किस तरह RTL कोड से आगे बढ़कर चिप-रेडी इम्प्लीमेंटेशन तक पहुंचती है। कार्यक्रम में सिमुलेशन, लॉजिक सिंथेसिस, स्टैटिक टाइमिंग एनालिसिस, फ्लोरप्लानिंग, प्लेसमेंट, क्लॉक ट्री सिंथेसिस, रूटिंग और साइन-ऑफ जैसे चरणों को भी शामिल किया गया। शारदा यूनिवर्सिटी के EECE विभाग के अनुसार, उसका SEMICON CoE सेमीकंडक्टर और VLSI डिजाइन में रिसर्च, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट के लिए काम कर रहा है।

शारदा यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर डॉ. वाई.के. गुप्ता ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत के भविष्य के लिए ऐसे युवाओं को तैयार करना जरूरी है, जो डिजाइन और इनोवेशन के क्षेत्र में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि ‘कोड टू चिप’ जैसी पहल एकेडमिक एक्सीलेंस को इंडस्ट्री सहयोग से जोड़ने का प्रयास है। वर्कशॉप का आयोजन इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की डीन डॉ. पल्लवी गुप्ता और प्रो. (डॉ.) रुकैया खानम की देखरेख में किया गया। यूनिवर्सिटी ने बताया कि MeitY के ‘चिप टू स्टार्टअप’ (C2S) प्रोग्राम के तहत EDA संसाधनों तक पहुंच, इंडस्ट्री सहयोग और रिसर्च गतिविधियों के जरिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कुशल प्रतिभाओं की पाइपलाइन विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है।