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विश्व खाद्य दिवस पर शारदा विश्वविद्यालय में सतत पोषण और खाद्य सुरक्षा पर मंथन
ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर सतत पोषण, खाद्य सुरक्षा और नवाचार के महत्व पर चर्चा की गई।
- sakshi choudhary
- 27 Oct, 2026
ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय में विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर सतत पोषण, खाद्य सुरक्षा और नवाचार के महत्व पर चर्चा की गई। शारदा स्कूल ऑफ बायो-साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के आहार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘आज नवाचार, कल पोषण’ (Innovate Today, Nourish Tomorrow) रही। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित, पौष्टिक और टिकाऊ भोजन के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पोस्टर मेकिंग और रंगोली के माध्यम से संतुलित खानपान अपनाने और भोजन की बर्बादी रोकने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में AFSTI दिल्ली चैप्टर की ट्रेजरर और खाद्य प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. विपाशा तनेजा ने विद्यार्थियों के साथ खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पारंपरिक कृषि ज्ञान के समन्वय से भविष्य की खाद्य संबंधी समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है। चर्चा में जलवायु परिवर्तन, टिकाऊ कृषि, बेहतर खाद्य भंडारण एवं पैकेजिंग तकनीक और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। डॉ. तनेजा ने कहा कि भविष्य की खाद्य सुरक्षा के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि भोजन की गुणवत्ता, पोषण और उपलब्धता के साथ खाद्य अपव्यय कम करना भी जरूरी है।
शारदा स्कूल ऑफ बायो-साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के डीन प्रो. अमित कुमार सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना किसानों और खाद्य उद्योग के साथ-साथ वैज्ञानिकों, संस्थानों, नीति-निर्माताओं और आम लोगों की भी साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने सतत विकास को बढ़ावा देने में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में स्थानीय कृषि परंपराओं और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। आयोजन के सफल संचालन में संयोजक प्रो. पीतम चंद्र, सह-संयोजक डॉ. रंजना पांडे और डॉ. दिनकर बी. कांबले सहित आयोजन समिति के सदस्यों का योगदान रहा।