Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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ग्रेटर नोएडा: दिवाली रंगोली के जरिए छात्राओं ने दिया सोशल मीडिया की लत से बचने का संदेश

ग्रेटर नोएडा। सोशल मीडिया आज लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल धीरे-धीरे लत का रूप ले रहा है।
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ग्रेटर नोएडा। सोशल मीडिया आज लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल धीरे-धीरे लत का रूप ले रहा है। इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर घंटों समय बिताने की आदत युवाओं के साथ-साथ बच्चों और अधेड़ उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रही है। इसी समस्या के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एसएस आर्य बालिका डिग्री कॉलेज, पल्ला की छात्राओं ने दिवाली रंगोली प्रतियोगिता में एक खास संदेश दिया। छात्राओं ने रंगोली के माध्यम से लोगों को सोशल मीडिया एडिक्शन से बचने और तकनीक का जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने की अपील की।


सोशल मीडिया की लत से प्रभावित हो रही दिनचर्या


रंगोली के माध्यम से छात्राओं ने बताया कि सोशल मीडिया का अत्यधिक इस्तेमाल लोगों की दिनचर्या और पारिवारिक जीवन पर असर डाल रहा है। देर रात तक इंटरनेट चलाना, बार-बार मोबाइल देखना और घंटों सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना नींद की कमी, बेचैनी और चिड़चिड़ेपन जैसी समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसका असर युवाओं की पढ़ाई, एकाग्रता और याद रखने की क्षमता पर भी पड़ सकता है। खासकर जेन-जी पीढ़ी में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ रही है।

इस समस्या को देखते हुए छात्राओं ने संदेश दिया कि तकनीक का इस्तेमाल जानकारी, शिक्षा और संवाद के लिए होना चाहिए, न कि ऐसी आदत के रूप में जो व्यक्ति के समय और जीवन पर हावी हो जाए। सोशल मीडिया के फायदे हैं, लेकिन इसका संतुलित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। यह समस्या केवल बच्चों और युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं।

तमन्ना, रिया और साक्षी समेत छात्राओं ने तैयार की रंगोली


दिवाली के अवसर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने रचनात्मकता के साथ सामाजिक सरोकार को भी जोड़ा। रंगोली तैयार करने वाली छात्राओं में तमन्ना खारी, रिया भाटी, साक्षी भाटी, अलीशा खान, शाम कुमारी और निशा खान सहित अन्य छात्राएं शामिल रहीं। उनकी इस पहल ने त्योहार के उत्साह के बीच डिजिटल आदतों को लेकर आत्ममंथन करने का संदेश दिया।

रंगोली के जरिए छात्राओं ने यह समझाने की कोशिश की कि मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार होना चाहिए। परिवार के साथ समय बिताना, पढ़ाई, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी समय निकालना जरूरी है। तकनीक तभी उपयोगी है, जब उसका इस्तेमाल जीवन को बेहतर बनाने के लिए किया जाए, न कि वह हमारी दिनचर्या को नियंत्रित करने लगे।