Russia: रूस-भारत संबंधों पर जयशंकर का बड़ा बयान, बोले- "हम नहीं, चीन है Russian Oil का सबसे बड़ा Buyer"

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Russia: मॉस्को में हुई अहम बैठक के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव (Sergey Lavrov) ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। लावरोव ने भारत-रूस रिश्तों को Special Strategic Partnership बताया और कहा कि बदलते हुए Multipolar World Order में SCO, BRICS और G20 की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वहीं जयशंकर ने इस बैठक को Political, Trade और Defence Cooperation पर विचार-विमर्श का एक अहम अवसर बताया।


Russia: जाने एस जयशंकर ने क्या अहम बाते कही 

जयशंकर ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से भारत-रूस संबंध सबसे Stable and Strong रहे हैं। उन्होंने Trade Imbalance को ठीक करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि भारत को Agriculture, Pharma और Textile Export को बढ़ाना चाहिए, ताकि व्यापार को Balanced और Sustainable बनाया जा सके। साथ ही उन्होंने बताया कि रूस भारत के Make in India Initiative को तकनीकी सहयोग और Joint Manufacturing के जरिए सपोर्ट कर रहा है।


जाने तेल व्यापार पर उठे सवालों पर जयशंकर ने क्यो किया चीन का जिक्र

तेल व्यापार पर उठे सवालों का जवाब देते हुए जयशंकर ने साफ कहा कि "हम Russian Oil के सबसे बड़े Buyer नहीं हैं, बल्कि वह China है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि LNG के मामले में सबसे बड़ा खरीदार European Union है। जयशंकर ने कहा कि अमेरिका ने भी भारत को हमेशा Global Energy Market Stability में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया है और भारत अमेरिका से भी लगातार Oil Import कर रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे तर्क कई बार Confusing और Misleading होते हैं।

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