Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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UP Vidhan Mandal Session 2025: 19 December से शुरू होगा सत्र, SIR Issue पर हंगामे के आसार

उत्तर प्रदेश में UP Vidhan Mandal Session 2025 का शुभारंभ 19 दिसंबर से होने जा रहा है। इस बार सत्र अल्पकालीन माना जा रहा है, जिसकी अवधि लगभग चार से पाँच दिनों की होगी। सरकार के अनुसार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण bills प्रस्तुत किए जाएंगे, जिन पर चर्चा की जाएगी। साल के अंतिम माह में आयोजित होने वाला यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से सरकार अपनी प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना को स्पष्ट कर सकती है। विधानसभा की तैयारियाँ तेज हो गई हैं और संबंधित विभागों में गतिविधि बढ़ गई है।
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उत्तर प्रदेश में UP Vidhan Mandal Session 2025 का शुभारंभ 19 दिसंबर से होने जा रहा है। इस बार सत्र अल्पकालीन माना जा रहा है, जिसकी अवधि लगभग चार से पाँच दिनों की होगी। सरकार के अनुसार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण bills प्रस्तुत किए जाएंगे, जिन पर चर्चा की जाएगी। साल के अंतिम माह में आयोजित होने वाला यह सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से सरकार अपनी प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना को स्पष्ट कर सकती है। विधानसभा की तैयारियाँ तेज हो गई हैं और संबंधित विभागों में गतिविधि बढ़ गई है।


विधानमंडल सत्र से पहले ही SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सियासी गर्मी बढ़ गई है। चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे इस मतदाता गहन पुनरीक्षण अभियान पर विपक्ष लगातार हमलावर है। विपक्षी दलों का आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया में कई अनियमितताएँ हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष इन आरोपों को निराधार बताते हुए यह दावा कर रहा है कि SIR मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में सत्र के दौरान इस मुद्दे पर तीखी बहस और भारी हंगामे की पूरी संभावना जताई जा रही है।


राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए UP Legislative Assembly Session काफी चर्चित रहने वाला है। विपक्ष SIR को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटा है, जबकि सरकार सत्र को विकास योजनाओं और महत्वपूर्ण विधेयकों पर केंद्रित रखना चाहती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानमंडल सत्र में कौन-कौन से बिल प्रस्तुत किए जाते हैं और किस प्रकार की बहसें सामने आती हैं। फिलहाल राजनीतिक हलकों में यह स्पष्ट है कि 19 दिसंबर से शुरू होने वाला यह सत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण तैयार कर सकता है।

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