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UP Cabinet Decisions: यूपी में एक गाय पर ₹50 हजार का अनुदान, 4 लिंक एक्सप्रेसवे बनेंगे; 22 प्रस्तावों को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसानों और पशुपालकों को राहत देने, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, कंपनियों के मर्जर से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने और प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क बढ़ाने जैसे अहम फैसले लिए गए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसानों और पशुपालकों को राहत देने, कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, कंपनियों के मर्जर से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने और प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क बढ़ाने जैसे अहम फैसले लिए गए।

कैबिनेट के फैसलों में एक गाय पर 50 हजार रुपये के अनुदान का प्रावधान, पशु बीमा की लागत का 85 फीसदी सरकार की ओर से वहन करना और चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर सहमति शामिल है। इसके अलावा हजारों शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और बेसिक शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला भी किया गया।


1. पशुपालकों को एक गाय पर 50 हजार रुपये का अनुदान

यूपी सरकार पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने का जरिया बनाना चाहती है। कैबिनेट बैठक में पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सहायता और नस्ल सुधार से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

प्रस्ताव के मुताबिक, एक गाय पर 50 हजार रुपये का अनुदान देने का प्रावधान है। पशु बीमा की कुल लागत का 85 फीसदी हिस्सा सरकार और बाकी 15 फीसदी हिस्सा पशुपालक को देना होगा।

योजना के तहत उन्नत नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने और दूध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर तक दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही मुर्गी पालन और बकरी पालन को भी प्रोत्साहित करने की योजना है।

सरकार का उद्देश्य पशुपालकों को बेहतर तकनीक, नस्ल सुधार और बाजार की सुविधा देकर उनकी आमदनी बढ़ाना है।


2. चार लिंक एक्सप्रेसवे पर खर्च होंगे 17,542 करोड़ रुपये

उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर सहमति दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 17,542 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इन्हें तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रस्ताव में शामिल प्रमुख परियोजनाएं हैं:

  • फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे: दो पैकेजों की कुल लंबाई करीब 90 किलोमीटर।

  • आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक: दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए लिंक रोड का निर्माण।

  • झांसी लिंक एक्सप्रेसवे: दो पैकेजों की कुल लंबाई करीब 106 किलोमीटर।

  • जेवर लिंक एक्सप्रेसवे: करीब 74 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे।

इन परियोजनाओं को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मोड पर बनाने की योजना है। निर्माण करने वाली कंपनियों को पांच साल तक एक्सप्रेसवे के रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।


3. ग्रेटर नोएडा में 654 करोड़ रुपये का निवेश

कैबिनेट बैठक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में एंपावर्ड कमेटी की संस्तुति के आधार पर एकागो हॉस्पिटेलिटी के 654 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी मिली।

वहीं, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति के तहत चार कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने पर सहमति दी गई। इनमें शामिल निवेश प्रस्ताव इस प्रकार हैं:

  • हैवेल्स, नोएडा: 889 करोड़ रुपये

  • अमेरियोराइड इंडिया LLP: 112 करोड़ रुपये

  • मेटलाइफ ग्लोबल: 84 करोड़ रुपये

  • LG सॉफ्ट: 634 करोड़ रुपये

इन प्रस्तावों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।


4. 48 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा कैशलेस इलाज

कैबिनेट ने अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे कुल 48,062 कर्मचारियों को लाभ मिलने की बात कही गई है।

इनमें अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के 23,989, वित्तविहीन विद्यालयों के 22,541 और अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत विद्यालयों के करीब 110 शिक्षणेत्तर कर्मचारी शामिल हैं।

सरकार प्रत्येक कर्मचारी के बीमा प्रीमियम के लिए 3,000 रुपये देगी। इस पर कुल 14.41 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा बेसिक शिक्षा क्षेत्र के 1,22,305 से अधिक कर्मचारियों को भी चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।


5. सैनिक स्कूल मैनपुरी को मुफ्त जमीन मिलेगी

कैबिनेट ने सैनिक स्कूल मैनपुरी के विस्तार के लिए ग्रामीण क्षेत्र में निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। यह स्कूल 22 जुलाई 2019 से संचालित है। जमीन मिलने से स्कूल के विस्तार की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


6. कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर स्टांप ड्यूटी के नियम

उत्तर प्रदेश में कंपनियों के विलय (Merger) और विभाजन (Demerger) से जुड़ी स्टांप ड्यूटी के नियमों को स्पष्ट करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल के मुताबिक, प्रस्ताव में शेयर वैल्यू पर 0.50 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने का प्रावधान है। यदि संबंधित मामले में संपत्ति भी शामिल है, तो उस पर दो फीसदी स्टांप ड्यूटी का प्रस्ताव है।

अभी तक स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण कुछ मामलों में सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी की मांग की जाती थी। इससे कंपनियों को मर्जर की प्रक्रिया में आर्थिक और कानूनी उलझनों का सामना करना पड़ता था।

हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। मंजूरी मिलने के बाद ही इसे प्रदेश में लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


7. नावों का पंजीकरण होगा, यात्रियों और नाविकों को बीमा कवर

प्रदेश में जल परिवहन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए नावों और पानी के जहाजों के पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। इसके संचालन और निगरानी के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है।

नई व्यवस्था में यांत्रिक और गैर-यांत्रिक नावों का पंजीकरण किया जाएगा। नावों का वर्गीकरण उनकी क्षमता और इस्तेमाल के आधार पर होगा। गैर-यात्री नावों के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क प्रस्तावित है।

इस व्यवस्था में यात्रियों और नाविकों के बीमा का भी प्रावधान होगा। नावों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और उनके संचालन की निगरानी संबंधित अधिकारी करेंगे।

सरकार गंगा और यमुना समेत प्रदेश की 11 नदियों पर जल परिवहन की संभावनाओं को विकसित करने की दिशा में काम करेगी।


8. झांसी और ललितपुर में बढ़ेगी भंडारण क्षमता

सहकारिता विभाग के प्रस्ताव के तहत झांसी और ललितपुर में 6.5 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना है। इसके लिए 5.47 हेक्टेयर जमीन पर निर्माण किया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य क्षेत्र में भंडारण की सुविधा बढ़ाना है, जिससे कृषि और संबंधित गतिविधियों के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो सके।


यूपी कैबिनेट के फैसलों का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

इन फैसलों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। पशुपालकों को अनुदान और बीमा सहायता से आर्थिक मदद मिल सकती है। कर्मचारियों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। नए एक्सप्रेसवे बनने से कनेक्टिविटी बेहतर होने और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वहीं, कंपनियों के मर्जर से जुड़े नियमों में स्पष्टता आने से कारोबार करने वाली कंपनियों को राहत मिल सकती है। जल परिवहन के लिए पंजीकरण और बीमा की व्यवस्था से नाव संचालन को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।