Investment Hub UP: वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य, निवेश और इंडस्ट्री पर योगी सरकार का फोकस
- sakshi choudhary
- 28 Oct, 2026
उत्तर प्रदेश को निवेश और उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए योगी सरकार ने वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2017 के बाद प्रदेश में निवेश बढ़ाने, औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों का भरोसा मजबूत करने के लिए नई कार्यसंस्कृति विकसित की गई है। सरकार का जोर निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने, नई औद्योगिक परियोजनाएं शुरू कराने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।
2017 के बाद निवेश और औद्योगिक विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए स्पष्ट दृष्टि और ठोस कार्ययोजना की कमी थी।
सीएम के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया है। सरकार का दावा है कि बेहतर कानून-व्यवस्था, पारदर्शी नीतियों और निवेश के अनुकूल माहौल से उत्तर प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल के साथ होगी बैठक
मुख्यमंत्री ने बताया कि बुधवार को सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रस्तावित बैठक में प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं पर चर्चा होगी। बैठक में मौजूदा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और निवेश प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने पर भी जोर रहेगा।
सरकार की कोशिश है कि निवेश से जुड़ी परियोजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि समय पर जमीन पर उतरें और उनमें उत्पादन शुरू हो। इससे उद्योगों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है।
निवेश से रोजगार तक, वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर निवेश से नया उद्योग स्थापित हो, उद्योगों से रोजगार पैदा हो और रोजगार के जरिए परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर बने। इसी सोच के साथ उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निवेश प्रस्तावों का वास्तविक निवेश में बदलना, औद्योगिक इकाइयों का समय पर शुरू होना और रोजगार के अवसरों का विस्तार अहम होगा। आने वाले समय में सिंगापुर सहित दूसरे देशों के निवेशकों के साथ होने वाली बातचीत और परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रहेगी।