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पीलीभीत वोटर लिस्ट विवाद: दोनों हटाए गए SDM की लखनऊ में तैनाती रद्द, शासन ने प्रतीक्षारत किया
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में हटाए गए दोनों उपजिलाधिकारियों (SDM) को लेकर शासन ने एक और बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।
- sakshi choudhary
- 31 Oct, 2026
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में हटाए गए दोनों उपजिलाधिकारियों (SDM) को लेकर शासन ने एक और बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। शुक्रवार को दोनों अधिकारियों का तबादला कर लखनऊ में नई जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन शनिवार को उनकी तैनाती के आदेश निरस्त कर दिए गए। अब शासन ने दोनों अधिकारियों को प्रतीक्षारत कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। प्रतीक्षारत रहने का मतलब है कि फिलहाल दोनों अधिकारियों को कोई नई नियमित तैनाती नहीं दी गई है।
दरअसल, पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया था। जांच में करीब 10,470 मतदाताओं के नाम या उनके पिता के नाम में बदलाव की बात सामने आई। मामले में तत्कालीन एसडीएम हेमंत कुमार चौधरी और मयंक गोस्वामी की भूमिका पर सवाल उठे थे। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर दोनों अधिकारियों को उनके पदों से हटाया गया था। इसके अलावा संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल कुमार की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई थीं। मामले में अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
शुक्रवार को शासन ने हेमंत कुमार चौधरी को उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में विशेष कार्याधिकारी और मयंक गोस्वामी को लखनऊ स्थित चकबंदी मुख्यालय में बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) के पद पर तैनाती दी थी। हालांकि, शनिवार को इन दोनों नियुक्तियों को निरस्त करते हुए अधिकारियों को प्रतीक्षारत कर दिया गया। अब इस मामले में आगे शासन की ओर से लिए जाने वाले फैसले पर नजर रहेगी। वहीं, मतदाता सूची में हुई गड़बड़ी की विस्तृत जांच भी जारी है।