Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूपी की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के तहत बनेगी एडवाइजरी काउंसिल

उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई पहल की है।
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उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई पहल की है। सरकार ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC) के अंतर्गत एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया है। यह काउंसिल राज्य के विकास से जुड़ी नीतियों, आर्थिक सुधारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर रणनीतिक सुझाव देगी। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की विकास यात्रा को गति देना और रोजगार, उद्योग, निवेश तथा तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर तैयार करना है।


रोजगार और MSME सेक्टर पर रहेगा खास जोर


एडवाइजरी काउंसिल स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के लिए उच्च स्तरीय रणनीतिक सलाहकार निकाय के रूप में काम करेगी। काउंसिल का फोकस रोजगार सृजन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना को बढ़ावा देने और प्रदेश के निर्यात में विस्तार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर रहेगा। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में नए निवेश को आकर्षित करने, कारोबार के लिए बेहतर माहौल तैयार करने और स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के संबंध में भी सुझाव दिए जाएंगे। इससे प्रदेश के छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को आगे बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।

तकनीकी नवाचार और मानव संसाधन विकास पर भी फोकस


काउंसिल केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीकी नवाचार और मानव संसाधन विकास को भी प्राथमिकता देगी। इसका उद्देश्य प्रदेश में उपलब्ध संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करते हुए विकास की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारना है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन पहले से ही सरकार को नीतिगत सुझाव देने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और योजनाओं के परिणामों की निगरानी करने में सहयोग करता है। ऐसे में एडवाइजरी काउंसिल के गठन से नीति निर्माण और क्रियान्वयन के बीच तालमेल मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। सरकार की इस पहल से उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में रोजगार, निवेश, निर्यात और उद्योगों के विकास को नई दिशा मिलेगी तथा विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य में राज्य की भागीदारी मजबूत होगी।