Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● भाकियू अराजनैतिक से चार गांवों के किसानों ने बनाई दूरी, बोले- अब खुद लड़ेंगे अपने मुद्दों की लड़ाई ● ग्रेटर नोएडा के पाली गांव में भैंसों की संदिग्ध मौत से हड़कंप, युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा ● दिल्ली कालकाजी रेप केस: फरार दोनों आरोपी हेमंत और मुकेश गिरफ्तार ● न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए गांवों में लगेंगे कैंप, किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे प्राधिकरण के चक्कर ● आईएएस की तैयारी कर रहीं मायावती कांशीराम के संपर्क में कैसे आईं, 1989 में बनीं पहली बार सांसद ● यूपी के आबकारी निर्यात में 45.4फीसदी का उछाल, 127.8 लाख डॉलर तक पहुंचा निर्यात ● यूपी में पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के साथ आजम-अतीक-मुख्तार की तस्वीरें लगाकर लगाए गए नारे ● मेरठ में सीएम योगी बोले- व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश, परिवारवाद पर सपा-कांग्रेस को घेरा ● नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को मिला ‘एक्सीलेंस इन रिसर्च, इनोवेशन एंड साइंटिफिक एडवांसमेंट’ पुरस्कार ● गौतमबुद्धनगर में मजबूत होंगी अग्निशमन सेवाएं, नए फायर स्टेशन और उपकरणों के लिए करोड़ों का बजट मंजूर

CJI BR Gavai: न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई बने भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश

top-news

CJI BR Gavai: न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई ने बुधवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में पद की शपथ दिलाई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना का स्थान लिया, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। परंपरा के अनुसार, सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश होने के कारण उनके नाम की सिफारिश की गई थी।

न्यायमूर्ति गवई का न्याय क्षेत्र में लंबा और महत्वपूर्ण अनुभव रहा है। उन्होंने 1985 में वकालत शुरू की थी और कई सरकारी पदों पर कार्य किया। 2003 में वे बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने और 2019 में सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए। उन्होंने अनुच्छेद 370, नोटबंदी, ईडी निदेशक का कार्यकाल और बुलडोजर कार्रवाई जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों में ऐतिहासिक फैसले दिए हैं।

जस्टिस गवई महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे हैं और वे अनुसूचित जाति से आने वाले देश के दूसरे मुख्य न्यायाधीश हैं। उनके पिता आरएस गवई बिहार और केरल के राज्यपाल रह चुके हैं। उन्होंने राजीव गांधी हत्याकांड में दोषियों की रिहाई, वणियार आरक्षण को असंवैधानिक ठहराना और कई राजनीतिक नेताओं को जमानत देने जैसे फैसलों में भी अहम भूमिका निभाई है।