Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● भाकियू अराजनैतिक से चार गांवों के किसानों ने बनाई दूरी, बोले- अब खुद लड़ेंगे अपने मुद्दों की लड़ाई ● ग्रेटर नोएडा के पाली गांव में भैंसों की संदिग्ध मौत से हड़कंप, युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा ● दिल्ली कालकाजी रेप केस: फरार दोनों आरोपी हेमंत और मुकेश गिरफ्तार ● न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए गांवों में लगेंगे कैंप, किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे प्राधिकरण के चक्कर ● आईएएस की तैयारी कर रहीं मायावती कांशीराम के संपर्क में कैसे आईं, 1989 में बनीं पहली बार सांसद ● यूपी के आबकारी निर्यात में 45.4फीसदी का उछाल, 127.8 लाख डॉलर तक पहुंचा निर्यात ● यूपी में पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के साथ आजम-अतीक-मुख्तार की तस्वीरें लगाकर लगाए गए नारे ● मेरठ में सीएम योगी बोले- व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश, परिवारवाद पर सपा-कांग्रेस को घेरा ● नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को मिला ‘एक्सीलेंस इन रिसर्च, इनोवेशन एंड साइंटिफिक एडवांसमेंट’ पुरस्कार ● गौतमबुद्धनगर में मजबूत होंगी अग्निशमन सेवाएं, नए फायर स्टेशन और उपकरणों के लिए करोड़ों का बजट मंजूर

Heat Wave: बच्चों पर बढ़ती गर्मी का खतरा, हीट स्ट्रोक से बचाव जरूरी

top-news

देश के कई हिस्से इन दिनों भयंकर गर्मी की चपेट में हैं। कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण वे हीटवेव और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में हीट स्ट्रोक जानलेवा साबित हो सकता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस गर्मी में बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं। इनमें स्कूलों में साफ और ठंडे पानी की सुविधा, कक्षाओं में पर्याप्त हवा और दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहरी गतिविधियों से बचाव शामिल है। बच्चों को लगातार पानी पीने के लिए प्रेरित करें और उनके मूत्र के रंग से शरीर में पानी की कमी का पता लगाना सिखाएं।

गर्मी में बच्चों को चक्कर आना, उल्टी, तेज सांसें, सुस्ती या बेहोशी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 6 से 12 वर्ष के 60% बच्चे गर्मियों में पर्याप्त पानी नहीं पीते, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है। माता-पिता सुनिश्चित करें कि बच्चे दिनभर में कम से कम 2-3 लीटर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें। गर्मी से बचाव ही बच्चों की सेहत की सुरक्षा है।