Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा के पाली गांव में भैंसों की संदिग्ध मौत से हड़कंप, युवक को ग्रामीणों ने पकड़ा ● दिल्ली कालकाजी रेप केस: फरार दोनों आरोपी हेमंत और मुकेश गिरफ्तार ● न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण के लिए गांवों में लगेंगे कैंप, किसानों को नहीं लगाने पड़ेंगे प्राधिकरण के चक्कर ● आईएएस की तैयारी कर रहीं मायावती कांशीराम के संपर्क में कैसे आईं, 1989 में बनीं पहली बार सांसद ● यूपी के आबकारी निर्यात में 45.4फीसदी का उछाल, 127.8 लाख डॉलर तक पहुंचा निर्यात ● यूपी में पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के साथ आजम-अतीक-मुख्तार की तस्वीरें लगाकर लगाए गए नारे ● मेरठ में सीएम योगी बोले- व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश, परिवारवाद पर सपा-कांग्रेस को घेरा ● नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को मिला ‘एक्सीलेंस इन रिसर्च, इनोवेशन एंड साइंटिफिक एडवांसमेंट’ पुरस्कार ● गौतमबुद्धनगर में मजबूत होंगी अग्निशमन सेवाएं, नए फायर स्टेशन और उपकरणों के लिए करोड़ों का बजट मंजूर ● गौतमबुद्धनगर में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 151 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद

Uttar Pradesh के नगरीय निकायों में संपत्ति नामांतरण प्रक्रिया और शुल्क होंगे एक समान

top-news

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में वसीयत, बंटवारा एवं संपत्ति कर निर्धारण से जुड़े मामलों में एक समान प्रक्रिया और शुल्क संरचना लागू करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में नगर निगमों, पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में नामांतरण और शुल्क की व्यवस्था अलग-अलग है, जिससे नागरिकों को असुविधा होती है। उदाहरणस्वरूप, गाजियाबाद में वसीयत पर नामांतरण का शुल्क ₹5000 है, जबकि लखनऊ में यह कार्य निशुल्क है। इसी तरह मेरठ और प्रयागराज में बंटवारे के नामांतरण शुल्क में भी भारी अंतर है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसी असमानताओं को समाप्त कर सभी नगरीय निकायों में एक समान प्रक्रिया और शुल्क निर्धारण किया जाएगा।

जानकारी के लिए बता दे कि नगर विकास विभाग इस नई व्यवस्था के लिए नियमावली तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य नागरिकों को पारदर्शी, सुगम और समान सेवा उपलब्ध कराना है। ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के लिए यह पहल नगरीय प्रशासन में बड़ा सुधार मानी जा रही है।