Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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फर्जी फर्म का रजिस्ट्रेशन कराकर 30 करोड़ की GST चोरी, राज्य कर विभाग ने किया पर्दाफाश

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गाजियाबाद। राज्य कर विभाग की टीम ने गाजियाबाद और बुलंदशहर की तीन फर्जी फर्म पकड़ी हैं। केवल इन फर्में का रजिस्ट्रेशन कराया हुआ था। मौके पर कोई फर्म नहीं थी। इनके जरिये 30.59 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की की गई। बोगस आइटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) वसूली के तहत फर्म संचालकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा तीन अन्य फर्मों में स्टाक में अंतर पाया गया। इनसे 96.26 लाख रुपये की जीएसटी जमा कराई गई।
राज्य कर उत्तर प्रदेश द्वारा गाजियाबाद जोन दो के अधिकारियों को आयरन व स्टील आदि से संबंधित फर्मों को चिह्नित कर फर्मों की जांच करने का आदेश मिला था। जोन दो की टीम ने आधुनिक तकनीक एवं इंटेलीजेंस का प्रयोग करते हुए उन फर्मों की शिनाख्त करनी शुरू की थी, जिनमें जीएसटी की चोरी की जा रही है।
गाजियाबाद और बुलंदशहर के फर्मों की हुई थी जांच
विभाग के अधिकारियों ने गाजियाबाद और बुलंदशहर क्षेत्र में विभिन्न फर्मों की जांच की। गाजियाबाद और बुलंदशहर के खुर्जा में आयरन स्टील की ट्रेडिंग, इससे निर्मित मशीनरी व उपकरणों का उत्पादन और बिक्री करने वाली कर चोरी में लिप्त छह फर्मों को चिह्नित किया गया। इन फर्मों के तमाम दस्तावेज सहित अन्य बिंदुओं की जांच की गई। इनमें तीन फर्में मौके पर नहीं पाई गई यानी इन फर्मों का कोई अस्तित्व ही नहीं था। जीएसटी चोरी करने के लिए केवल इन फार्मों का रजिस्ट्रेशन कराया गया था। इनके द्वारा सात बोगस व फर्जी फर्मों के साथ एक चेन बनाकर फर्जी प्रपत्रों के आधार पर 169.93 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया गया। 30.59 करोड़ की जीएसटी चोरी की गई।
जांच में तीन अन्य फर्में अपने घोषित पते पर कार्यरत मिलीं। हालांकि इनमें अदेय अस्वीकार्य इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ-साथ स्टाक में अंतर पाया गया। जिसके बाद व्यापारियों से 96.26 लाख जीएसटी जमा कराया।
88 वाहनों को किया गया इंटरसेप्ट
जोन दो के छह सचल दल ने लगातार रोड पर दौड़ रही वाहनों को इंटरसेप्ट किया। इनमें आयरन, स्टील और स्क्रैप आदि की 42 वाहनों को इंटरसेप्ट किया गया। इन गाड़ियों में 2.18 करोड़ का माल मिला। इनमें 88 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा 1739 ई-वे बिलों को स्कैन कर उनको सत्यापित किया गया।

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