Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● आईएएस की तैयारी कर रहीं मायावती कांशीराम के संपर्क में कैसे आईं, 1989 में बनीं पहली बार सांसद ● यूपी के आबकारी निर्यात में 45.4फीसदी का उछाल, 127.8 लाख डॉलर तक पहुंचा निर्यात ● यूपी में पोस्टर वार तेज, अखिलेश यादव के साथ आजम-अतीक-मुख्तार की तस्वीरें लगाकर लगाए गए नारे ● मेरठ में सीएम योगी बोले- व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश, परिवारवाद पर सपा-कांग्रेस को घेरा ● नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी को मिला ‘एक्सीलेंस इन रिसर्च, इनोवेशन एंड साइंटिफिक एडवांसमेंट’ पुरस्कार ● गौतमबुद्धनगर में मजबूत होंगी अग्निशमन सेवाएं, नए फायर स्टेशन और उपकरणों के लिए करोड़ों का बजट मंजूर ● गौतमबुद्धनगर में नशे के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, 151 करोड़ के मादक पदार्थ बरामद ● ग्रेटर नोएडा में रामलीला मंचन के लिए भूमि पूजन संपन्न, 11 से 21 अक्टूबर तक होगा विजय महोत्सव ● अखिलेश का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- वीडियो देखकर भी दर्ज करा देंगे मुकदमा ● यूपी में 6 महीने में एक लाख युवाओं को नौकरी, सीएम योगी ने 21 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

Sharda University: शारदा विश्वविद्यालय में 9वीं अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

top-news

Sharda University: ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ में 9वीं आनंद स्वरूप गुप्ता मेमोरियल अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर की 32 टीमों के 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. ललित भसीन (अध्यक्ष, सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स), डॉ. अमर पाल सिंह (कुलपति, राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी), पी.के. मल्होत्रा (पूर्व सचिव, विधि और न्याय मंत्रालय), अशोक कुमार सिंह (पूर्व जनपद न्यायाधीश) और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सिबाराम खारा उपस्थित रहे।

Sharda University: डॉ ललित भाटी ने शिक्षा पर कही ये बात

मुख्य अतिथि डॉ. ललित भसीन ने मूट कोर्ट की भूमिका को कानूनी शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि यह छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया, तर्कशक्ति और संवैधानिक मूल्यों की व्यावहारिक समझ प्रदान करता है। वहीं, पूर्व विधि सचिव पी.के. मल्होत्रा ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं छात्रों को अंतरराष्ट्रीय कानून की जटिलताओं को समझने का अवसर देती हैं। डॉ. अमर पाल सिंह ने इसे शोध और कानूनी अधिनियमों के व्यावहारिक प्रयोग का बेहतरीन मंच बताया।

समारोह में इन दिग्गजों की रही मौजूदगी

शारदा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सिबाराम खारा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि कानून समाज में बदलाव लाने का सबसे प्रभावी साधन है। इस अवसर पर Sharda University के स्कूल ऑफ लॉ के डीन प्रो. डॉ. ऋषिकेश दवे ने प्रतियोगिता की मेजबानी को गर्व की बात बताते हुए विद्यार्थियों के लिए इसे एक उत्कृष्ट अवसर बताया। इस समारोह में प्रो. तारकेश मोलिया, डॉ. अक्सा फातिमा और डॉ. रजिया चौहान समेत अन्य विभागों के डीन और एचओडी भी उपस्थित रहे।