Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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एसआईआर विवाद: चुनाव से पहले प्रक्रिया पर ममता बनर्जी के सवाल, असम को बाहर रखने पर उठाया मुद्दा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव से ठीक पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव से ठीक पहले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम voter list से हटाए जा रहे हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का पूरा मौका नहीं दिया जा रहा। ममता बनर्जी के मुताबिक यह प्रक्रिया चुनावी माहौल में भ्रम पैदा कर रही है और electoral fairness पर सवाल खड़े करती है।


ममता बनर्जी ने SIR की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी जांच बिना लंबी योजना के दो–तीन महीने में कैसे पूरी की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद कई लोग इस प्रक्रिया के पीड़ित हैं, जिनके नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि न तो प्रभावित मतदाताओं को समय पर सूचना दी जा रही है और न ही उन्हें अपनी बात रखने का उचित अवसर मिल रहा है, जिससे democratic rights प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चार चुनावी राज्यों में से तीन में SIR लागू किया जा रहा है, लेकिन भाजपा शासित Assam को इससे बाहर क्यों रखा गया है। ममता बनर्जी ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि opposition ruled states को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग पर दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी प्रभावित मतदाताओं के साथ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा।

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