BRICS Summit 2026: भारत आएंगे पुतिन, 11 सितंबर को PM मोदी से मुलाकात! SU-57 और न्यूक्लियर डील पर नजर
- sakshi choudhary
- 08 Sep, 2026
BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आ रहे हैं। दिल्ली में 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। क्रेमलिन ने इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए भारत को रूस का रणनीतिक साझेदार बताया है। रूसी राष्ट्रपति के भारत पहुंचने से पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता और पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच वैश्विक एजेंडे और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर खुले और रचनात्मक तरीके से बातचीत की उम्मीद है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत-रूस संबंधों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी पूरी दुनिया की नजर है।
भारत-रूस वार्ता में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और परमाणु सहयोग से जुड़े मुद्दे अहम हो सकते हैं। पेस्कोव ने कहा है कि भारत में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने को लेकर रूस आगे बातचीत का इंतजार कर रहा है। इसके अलावा रूस के अत्याधुनिक SU-57 लड़ाकू विमानों की भारत को संभावित बिक्री का मुद्दा भी बातचीत के एजेंडे में शामिल बताया गया है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते भी बैठक का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। क्रेमलिन के मुताबिक भारत और रूस के बीच करीब 90 प्रतिशत भुगतान राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहा है। पेस्कोव ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के संबंध केवल तेल और रक्षा तक सीमित नहीं हैं। शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की संभावना है। रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों का भी पेस्कोव ने स्वागत किया।
BRICS को लेकर भी रूस ने भारत की भूमिका की सराहना की है। पेस्कोव ने कहा कि BRICS कोई पारंपरिक संगठन नहीं, बल्कि समान सोच रखने वाले देशों का एक समूह है, जिसके पास स्थायी कार्यालय या औपचारिक चार्टर नहीं है। उन्होंने इसके तीन प्रमुख स्तंभों राजनीति और सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वित्त तथा सांस्कृतिक एवं मानवीय संपर्क का उल्लेख किया। भारत-रूस वार्ता में रूस-यूक्रेन युद्ध और शांति प्रयासों पर भी बातचीत होने की संभावना है। भारत लगातार युद्ध के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति पर जोर देता रहा है। इसके अलावा रूस ने भारत के प्रयासों का स्वागत किया है। वहीं, अमेरिकी प्रतिबंधों और रूसी ऊर्जा आयात को लेकर भी दोनों पक्षों की चर्चा अहम हो सकती है। पेस्कोव ने रूसी कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ को अवैध और अस्वीकार्य बताया है। ऐसे में PM मोदी और पुतिन की बैठक को रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।