Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस ● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद ● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन ● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख ● ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण अधिकारियों के साथ RWA की बैठक, समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन ● ग्रेटर नोएडा में तीन नए सब-रजिस्ट्रार की तैनाती, दादरी-गामा-2 और जेवर की जिम्मेदारी बदली ● BRICS Summit: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान, हजारों वाहनों की जांच और सैकड़ों पर कार्रवाई ● ग्रेटर नोएडा में चैंबर निर्माण को लेकर वकीलों का हंगामा, शिलापट तोड़ा और सामान बाहर फेंका ● भारत का निर्यात 43.81 अरब डॉलर पार, व्यापार घाटा घटा ● यूपी के वकीलों को बड़ा तोहफा, 5 लाख तक मिलेगा कैशलेस इलाज; 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट

Election 2026: 2021 के सबसे करीबी मुकाबले वाली सीटें, जहां चंद वोटों ने बदल दी थी किस्मत

Election 2026 के नतीजों से पहले 2021 के विधानसभा चुनावों की याद फिर ताजा हो गई है, जहां कई सीटों पर जीत-हार का फैसला बेहद कम वोटों से हुआ था। तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी जैसे राज्यों में ऐसे मुकाबले देखने को मिले, जहां कुछ सौ वोटों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। इन करीबी सीटों पर इस बार सभी दलों की खास नजर बनी हुई है, क्योंकि यहां हल्का सा वोट स्विंग भी बड़ा असर डाल सकता है।
top-news

Election 2026 के नतीजों से पहले 2021 के विधानसभा चुनावों की याद फिर ताजा हो गई है, जहां कई सीटों पर जीत-हार का फैसला बेहद कम वोटों से हुआ था। तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी जैसे राज्यों में ऐसे मुकाबले देखने को मिले, जहां कुछ सौ वोटों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। इन करीबी सीटों पर इस बार सभी दलों की खास नजर बनी हुई है, क्योंकि यहां हल्का सा वोट स्विंग भी बड़ा असर डाल सकता है।


तमिलनाडु में 69 सीटों पर जीत का अंतर 10 हजार से कम रहा, जिनमें 8 सीटें ऐसी थीं जहां फर्क 1000 वोट से भी कम था। वहीं असम में 27 सीटों पर 10 हजार से कम अंतर रहा, जबकि 15 सीटों पर मुकाबला बेहद कड़ा था। नजीरा और बरहमपुर जैसी सीटों पर जीत का अंतर 700 वोट के आसपास रहा। केरल में भी 52 सीटों पर करीबी मुकाबले हुए, जहां पेरिन्थलमन्ना सीट पर सिर्फ 38 वोटों से जीत दर्ज की गई। यह आंकड़े बताते हैं कि हर एक वोट कितना निर्णायक हो सकता है।


पुदुचेरी में भी 30 में से 9 सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी रहा, जिनमें 7 सीटों पर जीत का अंतर 1000 वोट से कम था। करईकल उत्तर सीट पर तो महज 135 वोटों ने नतीजा तय किया था। ऐसे आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि 2026 के चुनाव में इन सीटों पर मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है। अब देखना होगा कि इस बार मतदाता किस ओर रुख करते हैं और क्या पुराने नतीजों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।