Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
BREAKING NEWS
● ग्रेटर नोएडा की 100 से अधिक सोसायटियों का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट, जल्द जारी होंगे नोटिस ● ग्रेटर नोएडा: विकास और रोजगार की नई राह खुलेगी, 7 गांवों में किसानों से संवाद ● ग्रेटर नोएडा में बिजली समस्याओं पर RWA की बैठक, NPCL ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन ● UP Teacher Vacancy 2026: यूपी में 15,012 शिक्षक पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन और परीक्षा की तारीख ● ग्रेटर नोएडा: प्राधिकरण अधिकारियों के साथ RWA की बैठक, समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन ● ग्रेटर नोएडा में तीन नए सब-रजिस्ट्रार की तैनाती, दादरी-गामा-2 और जेवर की जिम्मेदारी बदली ● BRICS Summit: गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संभाली सुरक्षा की कमान, हजारों वाहनों की जांच और सैकड़ों पर कार्रवाई ● ग्रेटर नोएडा में चैंबर निर्माण को लेकर वकीलों का हंगामा, शिलापट तोड़ा और सामान बाहर फेंका ● भारत का निर्यात 43.81 अरब डॉलर पार, व्यापार घाटा घटा ● यूपी के वकीलों को बड़ा तोहफा, 5 लाख तक मिलेगा कैशलेस इलाज; 400 विधि अधिकारियों को टैबलेट

शिवसेना (UBT) में टूट की अटकलें तेज, संजय राउत का बड़ा आरोप! सांसदों को दिए जा रहे 15 करोड़ रुपये

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा दावा किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है।
top-news

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा दावा किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राउत ने आरोप लगाया कि कुछ सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए 15-15 करोड़ रुपये की पेशकश की गई है। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी जानकारी है कि कई सांसदों को पैसे दिए गए और बाद में वे नांदेड़, पुणे समेत तीन अलग-अलग स्थानों से चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए रवाना हुए। राउत ने बताया कि पार्टी ने संसदीय दल की बैठक के लिए व्हिप जारी कर दिया है और इस पूरे मामले को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भी पत्र भेजा गया है। गौर करने वाली बात यह रही कि शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से केवल तीन सांसद ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद दिखाई दिए, जिससे राजनीतिक अटकलों को और बल मिला।


संजय राउत ने वर्ष 2022 में हुई शिवसेना की बड़ी टूट का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि एक बार फिर पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसैनिक चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए क्षेत्रीय दलों को निशाना बनाया जा रहा है। राउत ने तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) जैसी पार्टियों का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर चुने हुए प्रतिनिधियों को धनबल के जरिए तोड़ा जाएगा तो लोकतंत्र की मूल भावना पर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत से सांसद चुनाव जीतते हैं और जनता के विश्वास का सम्मान करना उनकी जिम्मेदारी है।


उधर, संभावित बागी सांसदों को सीधी चुनौती देते हुए संजय राउत ने कहा कि यदि कोई नेता पार्टी छोड़ना चाहता है तो पहले सांसद पद से इस्तीफा दे और फिर जनता के बीच जाकर नया जनादेश हासिल करे। वहीं सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि अभी तक किसी सांसद ने आधिकारिक तौर पर पार्टी छोड़ने की जानकारी नहीं दी है, लेकिन स्थिति को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा गया है। फिलहाल किसी सांसद ने खुलकर बगावत की घोषणा नहीं की है, लेकिन संसदीय दल की बैठक और आने वाले दिनों के राजनीतिक घटनाक्रम पर पूरे महाराष्ट्र की नजर टिकी हुई है।