CJP संसद मार्च: दिल्ली में 10 से ज्यादा FIR दर्ज, 16 मेट्रो स्टेशन बंद, पुलिस पर हमले के बाद सुरक्षा कड़ी
- sakshi choudhary
- 22 Jul, 2026
दिल्ली में CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के संसद मार्च के दौरान हुए बवाल के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा और RAF जवान पर कथित हमले के मामले में अब तक 10 से अधिक FIR दर्ज की हैं। इनमें पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में चार, कनॉट प्लेस में तीन, जबकि मंदिर मार्ग, बाराखंबा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। हालात को देखते हुए जनपथ, राजीव चौक समेत 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हुआ कि जंतर-मंतर पर ड्यूटी के दौरान दिल्ली पुलिस के एक जवान की हार्टअटैक से मौत हो गई, लेकिन जांच में यह खबर पूरी तरह फर्जी और भ्रामक निकली। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
राजनीतिक स्तर पर भी इस प्रदर्शन को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। CJP ने सोशल मीडिया पर एक खुला पत्र जारी कर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की। पार्टी ने कहा कि उनके संघर्ष ने युवाओं को प्रेरित किया है और परीक्षा में न्याय की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। वहीं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है और अलग से विरोध प्रदर्शन करने की आवश्यकता नहीं है। दूसरी ओर CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि भाजपा अध्यक्ष JP नड्डा उनसे बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन पार्टी ने किसी सरकारी आवास या कार्यालय में जाने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि यदि बातचीत होगी तो जंतर-मंतर या उसके आसपास किसी तटस्थ स्थान पर ही होगी। उनका कहना है कि सरकार को पहले अपनी मंशा स्पष्ट करनी चाहिए कि वह वास्तव में मांगों पर चर्चा करना चाहती है या नहीं।
उधर भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की भूमिका का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूरे आंदोलन के दौरान संयम और संवेदनशीलता दिखाई तथा प्रदर्शनकारियों को लंबे समय तक शांतिपूर्ण धरना देने की अनुमति दी। उनके अनुसार, स्थिति तब बिगड़ी जब बिना अनुमति संसद की ओर मार्च किया गया और संसद परिसर को घेरने का प्रयास हुआ। इसके बावजूद पुलिस ने धैर्य बनाए रखा और कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने का प्रयास किया। राजधानी में जारी तनाव के बीच सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हिंसा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षाकर्मियों पर हमले के मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं प्रदर्शनकारी संगठन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार के साथ सार्थक बातचीत की मांग कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उससे जुड़ी राजनीतिक गतिविधियां राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख विषय बनी रह सकती हैं।
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