Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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Paper Leak Law 2026: पेपर लीक पर मोदी सरकार की बड़ी तैयारी, 6 महीने में फैसला, 10 साल जेल और 1 करोड़ तक जुर्माने का नया प्लान

देशभर में सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार अब पेपर लीक और संगठित नकल के खिलाफ सबसे बड़ा कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और सख्त बनाने वाले प्रस्तावित संशोधन पर चर्चा होने की संभावना है।
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देशभर में सरकारी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार अब पेपर लीक और संगठित नकल के खिलाफ सबसे बड़ा कानूनी कदम उठाने की तैयारी में है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और सख्त बनाने वाले प्रस्तावित संशोधन पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य पेपर लीक के मामलों का तेजी से निपटारा करना और दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है। प्रस्तावित बदलावों के तहत ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जा सकते हैं, ताकि जांच और ट्रायल लंबा न खिंचे। सरकार का लक्ष्य है कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों का निपटारा लगभग छह महीने के भीतर हो सके। मौजूदा कानून में पहले से ही दोषियों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन सरकार इसे और प्रभावी तथा कठोर बनाने पर विचार कर रही है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी अपने वीडियो संदेश में स्पष्ट किया था कि सरकार मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में फास्ट ट्रैक कोर्ट और सख्त दंड व्यवस्था पर चर्चा के बाद नए विधेयक को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार की योजना है कि संसद के मौजूदा सत्र के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में यह संशोधन विधेयक पेश किया जाए और जल्द से जल्द इसे पारित कराया जाए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना रही कि लाखों छात्रों का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। इसी उद्देश्य से दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई और परिणाम भी घोषित किए गए, ताकि योग्य छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।


नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय लगातार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार, परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और के. राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर काम कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, पीएमओ ने इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय से कई अहम सवाल पूछे हैं और परीक्षा प्रक्रिया को यूपीएससी जैसी पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने पर जोर दिया है। वहीं, विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने और संसद में विस्तृत बयान की मांग कर रहा है। ऐसे में प्रस्तावित संशोधन विधेयक को पेपर लीक के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।