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बृजभूषण शरण सिंह बरी: ‘आरोप साबित होता तो खुद फांसी पर लटक जाता’, कोर्ट के फैसले के बाद पहला रिएक्शन

महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि वह सिर्फ बरी नहीं हुए हैं
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महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि वह सिर्फ बरी नहीं हुए हैं, बल्कि “सम्मान के साथ बरी” हुए हैं। फैसले के बाद उनके समर्थकों ने उन्हें फूलों की माला और गुलदस्ते देकर बधाई दी। बृजभूषण ने कहा कि उन्होंने 18 जनवरी 2023 को ही आरोपों को एक षडयंत्र बताया था और उस समय भी कहा था कि यदि उनके खिलाफ कोई आरोप सही साबित होता है तो वह खुद फांसी पर लटक जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह आज भी अपनी उस बात पर कायम हैं और अदालत के फैसले ने उन्हें न्याय दिया है।


बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्हें अपने ऊपर पूरा विश्वास था और उन्होंने खुद को कभी अपराधी महसूस नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह किशोरावस्था से ही संघर्ष करते आए हैं और हमेशा कमजोर लोगों तथा जिनका हक मारा जाता है, उनके पक्ष में खड़े रहे हैं। उन्होंने अदालत के फैसले को अपने और अपने समर्थकों के लिए खुशी का दिन बताया। हालांकि, उनके वकील राजीव मोहन ने कहा कि अदालत के आदेश की कॉपी अभी तक उन्हें नहीं मिली है। आदेश की प्रति मिलने के बाद ही यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि अदालत किस आधार पर इस नतीजे पर पहुंची। वकील ने कहा कि बचाव पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों को अदालत ने स्वीकार किया है।


बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। उनके बेटे और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने अदालत का आभार जताते हुए फैसले को “सच्चाई, युवा पहलवानों और कैसरगंज की जीत” बताया। उन्होंने सवाल किया कि जो राजनीतिक दल उस समय उनके पिता के खिलाफ बोल रहे थे, क्या वे अब सामने आकर अपनी बात कहेंगे। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने फैसले के बाद महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। इस मामले ने 2023 में देशभर में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया था। अब अदालत के फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह की राजनीतिक सक्रियता और आगे की रणनीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।