Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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यूपी में आयुर्वेद इंटर्न छात्रों का प्रदर्शन, बोले- मेहनत बराबर तो स्टाइपेंड में भेदभाव क्यों?

लखनऊ में आयुर्वेद इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया।
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लखनऊ में आयुर्वेद इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुक्रवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं प्रदर्शन में पहुंचे और सरकार से मौजूदा 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की मांग की। छात्रों ने अपने पोस्टरों के जरिए जेन-जी अंदाज में अपनी बात रखी और सवाल उठाया कि जब काम और जिम्मेदारी बराबर है तो स्टाइपेंड में अंतर क्यों रखा जा रहा है।


प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वर्ष 2011 से अब तक आयुर्वेद इंटर्न के स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उनका कहना है कि करीब 15 साल में महंगाई काफी बढ़ चुकी है, लेकिन उन्हें अब भी 7,500 रुपये प्रतिमाह ही मिल रहे हैं। छात्रों के मुताबिक कई इंटर्न किराये के कमरों में रहते हैं और इसी राशि से किराया व रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो जाता है। छात्रों ने बताया कि साढ़े चार साल की पढ़ाई के बाद उन्हें एक साल की इंटर्नशिप करनी होती है, जिसमें मरीजों की देखभाल और अस्पताल से जुड़े कामों की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है।

छात्रों ने कहा कि उनकी मांग किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि समान काम के लिए सम्मानजनक स्टाइपेंड की है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाया जा चुका है, जबकि आयुर्वेद इंटर्न लंबे समय से पुराने स्टाइपेंड पर काम कर रहे हैं। छात्रों ने सरकार से मांग की कि आयुर्वेद इंटर्न का स्टाइपेंड भी बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए और इस संबंध में जल्द फैसला लिया जाए।