Monday, 12 May 2026 | 04:35 PM
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त्योहारों में भी ठंडा पड़ा स्मार्टफोन बाजार, 26 प्रतिशत तक गिरी शिपमेंट; महंगे फोन ने बिगाड़ा कंपनियों का खेल

भारत में त्योहारों का मौसम आमतौर पर खरीदारी के लिए सबसे खास माना जाता है।
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भारत में त्योहारों का मौसम आमतौर पर खरीदारी के लिए सबसे खास माना जाता है। दिवाली और दूसरी बड़ी सेल के दौरान मोबाइल कंपनियां नए फोन लॉन्च करती हैं और ग्राहकों को भारी छूट भी देती हैं। लेकिन इस बार स्मार्टफोन बाजार की तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। मोबाइल खरीदने की होड़ बढ़ने के बजाय बाजार में गिरावट दर्ज की गई है। मार्केट रिसर्च फर्म Omdia की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 26 प्रतिशत घटकर 3.58 करोड़ यूनिट रह गया। यह 2016 के बाद किसी तीसरी तिमाही का सबसे कम स्तर है। इस गिरावट ने मोबाइल कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है और सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर त्योहारों के बावजूद लोग नया फोन खरीदने से क्यों बच रहे हैं।


मोबाइल फोन महंगे, तो खरीदारी से पीछे हटे ग्राहक


स्मार्टफोन बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह फोन की बढ़ती कीमतें और लोगों का सोच-समझकर खर्च करना है। मोबाइल बनाने में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप और दूसरे जरूरी पार्ट्स महंगे होने से कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसका असर फोन की कीमतों पर भी पड़ा है। खासकर 20 हजार रुपये से कम कीमत वाले फोन खरीदने वाले ग्राहकों पर इसका दबाव ज्यादा देखने को मिला है। Omdia के मुताबिक, इस बजट सेगमेंट में शिपमेंट में 47 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई. आसान भाषा में समझें तो पहले जिस कीमत में ग्राहक बेहतर फीचर्स वाला फोन खरीद सकते थे, अब उसी बजट में मनपसंद फोन मिलना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में कई लोग अपना पुराना फोन चलाना ही बेहतर समझ रहे हैं।

सैमसंग बना नंबर-1, चीनी कंपनियों को झटका


बाजार में गिरावट के बीच दक्षिण कोरियाई कंपनी Samsung ने पहला स्थान हासिल किया है। जुलाई-सितंबर 2026 के दौरान कंपनी ने करीब 67 लाख स्मार्टफोन शिप किए। इसके बाद Vivo 64 लाख यूनिट के साथ दूसरे, Oppo 49 लाख के साथ तीसरे और Xiaomi करीब 47 लाख यूनिट के साथ चौथे स्थान पर रहा। Apple 39 लाख यूनिट के साथ पांचवें स्थान पर रहा। सैमसंग को उसके Galaxy A सीरीज के फोन, प्रीमियम मॉडल और बैंक ऑफर्स से मदद मिली। वहीं, चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी पिछले साल की इसी तिमाही के करीब 75 प्रतिशत से घटकर लगभग 68 प्रतिशत रह गई। इसका मतलब यह नहीं कि इन कंपनियों के फोन बिकना बंद हो गए हैं, बल्कि पूरे बाजार में मांग कमजोर होने के साथ उनकी हिस्सेदारी पर भी असर पड़ा है।

क्या 2027 में भी जारी रहेगी सुस्ती?


Omdia का अनुमान है कि 2027 में भी भारत के स्मार्टफोन बाजार में मामूली गिरावट जारी रह सकती है। महंगे फोन और लंबे समय तक एक ही स्मार्टफोन इस्तेमाल करने की आदत कंपनियों के लिए चुनौती बनी रहेगी। अब कंपनियों को ग्राहकों को नया फोन खरीदने की ठोस वजह देनी होगी। बेहतर कैमरा, ज्यादा स्टोरेज और तेज प्रोसेसर के साथ उपयोगी AI फीचर्स भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं। Omdia के एक सर्वे के मुताबिक, भारत में करीब 10 में से 4 लोगों ने कहा कि उपयोगी AI सुविधाएं मिलने पर वे फोन के लिए ज्यादा कीमत देने को तैयार हो सकते हैं। हालांकि, केवल नए फीचर्स से बाजार में तेजी लौटना तय नहीं है। किफायती फोन, बेहतर एक्सचेंज ऑफर और आसान किस्तों की सुविधा भी जरूरी होगी। कुल मिलाकर, स्मार्टफोन बाजार की चुनौती अब सिर्फ ज्यादा फोन बेचने की नहीं, बल्कि ग्राहकों के बजट और जरूरत के हिसाब से सही फोन उपलब्ध कराने की है।