Pollution से बचने के लिए डाइट में शामिल करें ये 6 फूड्स, इम्यूनिटी रहेगी मजबूत
- sakshi choudhary
- 28 Oct, 2026
देश के कई हिस्सों में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। प्रदूषित हवा में मौजूद बारीक कण आंखों, गले और फेफड़ों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में साफ हवा में सांस लेने के उपायों के साथ संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना भी जरूरी है। सही खानपान शरीर की सामान्य इम्यूनिटी को बनाए रखने में मदद करता है।
हालांकि, कोई भी खास फूड प्रदूषण से पूरी सुरक्षा नहीं देता। लेकिन विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें डाइट में शामिल करके शरीर को जरूरी पोषण दिया जा सकता है। आइए जानते हैं कि प्रदूषण के मौसम में किन चीजों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना फायदेमंद हो सकता है।
विटामिन C से भरपूर फल खाएं
विटामिन C शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में मदद करता है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट भी है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से बचाव में भूमिका निभाता है। रोजाना डाइट में मौसमी फल शामिल करें। जूस के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प हो सकता है। अलग-अलग तरह के फल खाएं, ताकि शरीर को कई पोषक तत्व मिल सकें।
हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं
हरी सब्जियों में विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। संतुलित डाइट में हरी सब्जियों के साथ दूसरी रंग-बिरंगी सब्जियां भी शामिल करनी चाहिए। सब्जियों को अच्छी तरह धोकर पकाएं। रोजाना के भोजन में मौसमी सब्जियां शामिल करें। एक ही सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग विकल्प चुनें।
बादाम और अखरोट से मिलेगा पोषण
बादाम में विटामिन E और अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक प्रकार ALA पाया जाता है। मेवों में हेल्दी फैट, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व भी होते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में खाने से संतुलित डाइट में पोषण बढ़ाया जा सकता है। बिना ज्यादा नमक वाले मेवे चुनें। नाश्ते या भोजन के बीच थोड़ी मात्रा में खा सकते हैं। किसी मेवे से एलर्जी हो तो उसका सेवन न करें।
दाल और प्रोटीन वाली चीजें डाइट में रखें
प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं और ऊतकों के निर्माण व मरम्मत के लिए जरूरी है। पर्याप्त प्रोटीन वाली डाइट सामान्य स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने में मदद करती है। शाकाहारी लोग दाल, चना, राजमा और सोया उत्पादों से प्रोटीन ले सकते हैं। वहीं, अंडे और दूध का सेवन करने वाले लोग इन्हें भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
हल्दी और अदरक को भोजन का हिस्सा बनाएं
हल्दी और अदरक का इस्तेमाल भारतीय रसोई में लंबे समय से होता रहा है। इनमें ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिनके एंटीऑक्सीडेंट और सूजन से जुड़े प्रभावों पर शोध किया गया है। हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि हल्दी या अदरक खाने से प्रदूषण के नुकसान से पूरी तरह बचा जा सकता है। दाल, सब्जी और सूप में सामान्य मात्रा में हल्दी डालें। चाय या भोजन में अदरक शामिल कर सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के इनके सप्लीमेंट ज्यादा मात्रा में न लें।
पर्याप्त पानी पिएं
शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखना जरूरी है। पर्याप्त पानी शरीर के सामान्य कामकाज में मदद करता है और गले में सूखापन महसूस होने पर राहत दे सकता है. हालांकि, ज्यादा पानी पीने से प्रदूषण के कण फेफड़ों से निकल जाते हैं, ऐसा कोई पक्का प्रमाण नहीं है। दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पिएं। मौसम और शारीरिक गतिविधि के अनुसार पानी की जरूरत का ध्यान रखें। सूप और अन्य तरल पदार्थ भी संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं।
प्रदूषण से बचने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
सिर्फ डाइट के भरोसे प्रदूषण से बचाव नहीं किया जा सकता। इसके लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना भी अहम है। AQI बहुत खराब होने पर बाहर की एक्सरसाइज और मॉर्निंग वॉक कम करें। बाहर निकलते समय जरूरत के अनुसार सही फिटिंग वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें। घर और गाड़ी की खिड़कियां खोलने से पहले बाहर की एयर क्वालिटी देखें। बच्चों, बुजुर्गों और सांस या दिल से जुड़ी बीमारी वाले लोगों का खास ध्यान रखें। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या गंभीर लक्षण होने पर तुरंत मेडिकल सलाह लें।